रामपुर में शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। जिले के 523 परिषदीय विद्यालयों ने ‘निपुण’ लक्ष्य प्राप्त किया है। इस अवसर पर गांधी समाधि स्थित रंगोली मंडप में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा निपुण विद्यालय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें शहर विधायक आकाश सक्सेना मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और शिक्षकों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान विधायक आकाश सक्सेना ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को पढ़ाते नहीं, बल्कि समाज का भविष्य भी गढ़ते हैं। उन्होंने इस उपलब्धि को शिक्षकों की कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम बताया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कल्पना ने जानकारी दी कि रामपुर में कुल 1596 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें से 1197 विद्यालयों का मूल्यांकन किया गया, जिसमें से 523 विद्यालय निपुण मानकों पर खरे उतरे। इस उपलब्धि के साथ रामपुर जिले को प्रदेश में दसवां स्थान प्राप्त हुआ है। विधायक आकाश सक्सेना ने आगे कहा कि निपुण भारत मिशन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पढ़ने, लिखने और गणित में मजबूत बनाना है। उन्होंने जिले में शिक्षा के स्तर को और बेहतर बनाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया। मुख्य विकास अधिकारी गुलाबचंद ने निपुण विद्यालय की परिभाषा स्पष्ट करते हुए बताया कि इसके लिए बच्चों की बुनियादी पढ़ाई और गणित की समझ को परखा जाता है। यदि किसी विद्यालय के कम से कम 80 प्रतिशत बच्चे निर्धारित मानकों को पूरा करते हैं, तो उसे निपुण विद्यालय घोषित किया जाता है। ब्लॉकवार आंकड़ों के अनुसार, स्वार, बिलासपुर और मिलक का प्रदर्शन विशेष रूप से बेहतर रहा है। यह सफलता दर्शाती है कि जिले में प्राथमिक शिक्षा लगातार मजबूत हो रही है, जिसमें शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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