पीलीभीत के जहानाबाद थाना क्षेत्र में एक मेडिकल स्टोर संचालक पर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित चैतन्य गंगवार ने मंगलवार को अपने साथियों के साथ पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई और स्थानीय पुलिस पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। चैतन्य गंगवार सुनगढ़ी थाना क्षेत्र की रणजीत सिंह कॉलोनी के निवासी हैं। वह ललौरीखेड़ा में मेडिकल स्टोर संचालित करते हैं। उनके अनुसार, दुकान के पास स्थित एक जिम में तेज आवाज में संगीत बजता था, जिससे उनके बेटे की नीट (NEET) की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। आवाज कम करने को कहा तो हुआ हमला
घटना 21 मार्च की शाम करीब 5:30 बजे की है। चैतन्य के मुताबिक, जैसे ही उन्होंने जिम संचालक सोनू कश्यप से संगीत की आवाज कम करने को कहा, वह अपने साथियों मनोज, प्रदीप और अन्य लोगों के साथ मेडिकल स्टोर में घुस आया। आरोप है कि सभी हमलावर लाठी-डंडे, धारदार हथियार और तमंचा लेकर पहुंचे और चैतन्य पर हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट, 14 टांके आए
हमले में चैतन्य गंगवार के सिर पर तमंचे की बट और लाठियों से वार किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुए इलाज के दौरान उनके सिर के दोनों तरफ कुल 14 टांके लगाए गए। पीड़ित ने आरोप लगाया कि हमलावर उनके गले से सोने की चेन भी छीनकर फरार हो गए। पुलिस पर हल्की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आरोप
एसपी को दिए गए शिकायती पत्र में चैतन्य ने जहानाबाद पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने मामले में मिलीभगत करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) और 351(3) के तहत मामूली धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है, जबकि हमला जानलेवा था। पीड़ित पर ही दबाव बनाने का आरोप
चैतन्य का दावा है कि हमले के दौरान उन्होंने एक तमंचा आरोपियों से छीन लिया था, लेकिन अब पुलिस उसी आधार पर उन पर ही दबाव बना रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और समझौता न करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग
पीड़ित चैतन्य गंगवार और उनके साथ पहुंचे ग्रामीणों ने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने और लूट व जानलेवा हमले की गंभीर धाराएं जोड़ने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी हो सकती है।

Leave a Reply