शाहजहांपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) ने कलेक्ट्रेट और कांग्रेस ने नगर निगम कार्यालय के बाहर शहीदों की प्रतिमाएं हटाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने मेयर से इस्तीफे की मांग की, जबकि दोनों दलों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय के अंदर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान निगम के अधिकारियों और कांग्रेसियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने सवाल उठाया कि यदि मेयर पांच दिनों से कार्यालय नहीं आईं, तो उन्होंने चुनाव क्यों लड़ा। वहीं, सपाइयों ने कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। जब वे डीएम को ज्ञापन सौंपने जा रहे थे, तो डीएम कार्यालय के बाहर लगे चैंबर को बंद कर दिया गया। इसके बाद सपाइयों ने जमकर नारेबाजी की । यह विरोध प्रदर्शन नगर निगम कार्यालय के बाहर से शहीदों की प्रतिमाओं को बुलडोजर से हटाकर डंपिंग ग्राउंड में फेंकने की घटना के बाद शुरू हुआ। तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक दलों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। प्रतिमा हटाने के आदेशों को सार्वजनिक करने की मांग कांग्रेस जिलाध्यक्ष रजनीश गुप्ता ने मांग की है कि 24 घंटे के भीतर सभी शहीदों की प्रतिमाओं को पुनः स्थापित कर उनकी गरिमा बहाल की जाए। उन्होंने घटना की मजिस्ट्रियल जांच, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और प्रतिमाएं हटाने के आदेशों को सार्वजनिक करने की भी मांग की। कांग्रेस ने भविष्य में ऐसे ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने और जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो जिला कांग्रेस कमेटी व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। वहीं सपाइयों ने भी चेतावनी दी है कि दोषियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्यवाही नहीं हुई तो 24 घंटे में समाजवादी लोहिया वाहिनी कल से आमरण अनशन के लिए वाध्य होगी।

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