बलरामपुर पुलिस ने कूटरचना और धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का खुलासा किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी असली चांदी मंगाकर उसकी जगह नकली (गिलट) माल भेजकर लाखों रुपए की ठगी कर रहे थे। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब पवन कुमार राठौर निवासी आगरा ने 10 मार्च 2026 को शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने जीएसटी नंबर अंकित फर्जी विजिटिंग कार्ड के जरिए चांदी का ऑर्डर दिया। असली माल प्राप्त करने के बाद उन्होंने धोखे से नकली माल और फर्जी शुद्धता प्रमाण पत्र भेज दिया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। 4 किलो 435 ग्राम चांदी बरामद एसपी विकास कुमार के निर्देश पर कोतवाली नगर पुलिस और सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई की। 24 मार्च को टीम ने तीनों आरोपियों को गोंडा रेलवे स्टेशन के पास रानीजोत मार्ग से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रवि कुमार वर्मा, आकाश अग्रहरी उर्फ शानू और लकी दुबे उर्फ प्रदुम्न के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 किलो 435 ग्राम चांदी की पायल (कीमत करीब 11 लाख रुपए), 3.5 लाख रुपए नकद और 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। ज्वैलर्स के नाम पर छपवाते थे फर्जी विजिटिंग कार्ड पूछताछ में गिरोह का तरीका भी सामने आया। आरोपी फर्जी सिम कार्ड और नकली पहचान के जरिए सर्राफा व्यापारियों को निशाना बनाते थे। वे कोरियर के माध्यम से असली चांदी मंगवाते और बदले में मिलावटी या नकली माल भेज देते थे। इसके लिए उन्होंने ज्वैलर्स के नाम पर फर्जी विजिटिंग कार्ड भी छपवा रखे थे। पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में अन्य धाराएं भी बढ़ा दी हैं। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की कार्रवाई की।

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