ग्रेटर नोएडा के बिसरख क्षेत्र में बच्ची को गोद दिलाने के नाम पर अवैध वसूली के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक अस्पताल की नर्स और उसका प्रेमी शामिल हैं। इस मामले में अब तक कुल पांच गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और संबंधित अस्पताल को सीज कर दिया गया है। एसीपी सेंट्रल नोएडा पवन कुमार ने बताया कि 21 मार्च 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) थाने को सूचना मिली थी। इसमें बताया गया कि बिसरख क्षेत्र के एक निजी अस्पताल का कर्मचारी बच्ची को गोद दिलाने के लिए 2.60 लाख रुपये की मांग कर रहा था। सूचना मिलने के बाद एएचटी और बिसरख पुलिस ने संयुक्त जांच शुरू की। जांच में मामले की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई की। मंगलवार को बिसरख पुलिस ने अरुण कुमार (25), निवासी गांव बिसरख और अस्पताल की नर्स पुष्पा रानी (26), निवासी गांव औरंगाबाद, मथुरा को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, ये दोनों आरोपी मध्यस्थ के रूप में काम कर रहे थे और उन्होंने बच्ची बेचने की पूरी योजना बनाई थी। इससे पहले रविवार को इस मामले में तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है, ताकि इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों और अवैध गतिविधियों की अवधि का पता चल सके। पुलिस के मुताबिक, आरोपी जरूरतमंद लोगों को निशाना बनाकर उन्हें बच्चा गोद दिलाने का झांसा देते थे और इसके बदले मोटी रकम वसूलते थे। पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है ताकि इसमें लिप्त अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया है और उसे सीज कर दिया गया है।

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