कौशांबी में पत्नी की हत्या में पति एक महीने से जेल काट रहा था। वही पत्नी प्रेमी के साथ हरियाणा में जिंदा मिली। इसके बाद पुलिस ने पति को जेल से रिहा कर दिया है और लड़की के पिता समेत 4 लोगों पर केस दर्ज किया है। मामला महेवाघाट थाना क्षेत्र के अलवारा गांव का है। आज एसपी राजेश कुमार ने प्रेसवार्ता करके मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने हरियाणा से महिला को बरामद कर लिया। अब कोर्ट में बयान के बाद मेडिकल कराया जा रहा है। अब विस्तार से पढ़िए मामला…… अलवारा गांव के रहने वाले योगेंद्र तिवारी ने बताया कि बेटे राजू तिवारी की शादी अंकिता से की थी। शादी के बाद से ही बहू का व्यवहार ठीक नहीं था। वह ज्यादातर समय अपने मायके में ही रहती थी। 2024 में बहू अपने मौसी के बेटे रामू उर्फ संकल्प मिश्रा के साथ बिना बताए दिल्ली चली गई। संकल्प फतेहपुर का रहने वाला है। इसके बाद रिश्तेदारों के साथ पंचायत की गई तो वह घर आकर रहने लगी। इसके बाद भी उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। घर वालों से झगड़ा करती, पूरे टाइम पर फोन पर बात करती रहती थी। मायके वालों से इस बारे में बात की तो वो लोग अपनी मजबूरी जताते थे। एक बार पहले भी उसी लड़के के साथ गई थी 21 जनवरी 2026 को दोबारा बहू बिना बताए घर से चली गई। इस बार वह अपने साथ जेवर और नकदी भी ले गई। बहू के मायके वालों की सहमति पर बेटे ने 22 जनवरी को गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस बहू की खोजबीन कर रही थी। अचानक मायके पक्ष ने साजिश करते हुए 20 फरवरी 2026 को ससुर योगेंद्र तिवारी, पति राजू तिवारी, बेटी और अन्य ससुराल वालों के खिलाफ अंकिता की हत्या कर शव गायब करने का गंभीर आरोप लगाया और केस करा दिया। हम लोगों का कोई दोष नहीं था इसलिए गिरफ्तारी के डर से पूरा परिवार घर में तालाबंद करके भागता रहा। घर पर ताला लगाकर परिवार वाले भागते रहे पुलिस के दबाव बनाने पर निर्दोष बेटे राजू तिवारी ने 27 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर कर दिया और तब से बेटा अभी तक जेल में रहा। अब बहू हरियाणा में रामू मिश्रा के साथ किराए के घर से बरामद हुई है। महीने भर हमारा परिवार भागा-भागा घूमता रहा और बहू और उसके मायके वाले साजिश करते रहे। कोर्ट ने बेकसूर पति को रिहा करने का आदेश दिया अब पिता योगेंद्र तिवारी ने महेवाघाट थाने में बेटे की ससुर शारधा मिश्रा, बेटे के साले गोपाल मिश्रा, मौसेरे भाई रामू उर्फ संकल्प मिश्रा और सैनी के रामपुर धमावां निवासी रिश्तेदार वरुण त्रिपाठी के खिलाफ तहरीर दी है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपित ससुर शारधा और उसके बेटे गोपाल मिश्रा को गिरफ्तार कर चालान कर दिया है। इसके अलावा बेकसूर पति को जेल से बाहर करने का आदेश कोर्ट ने दिया है। पति ने खुद से कोर्ट में किया था सरेंडर एसपी कौशांबी राजेश कुमार ने मंगलवार को प्रेस वार्ता की। बताया कि महिला लापता होने की झूठी सूचना पुलिस को दी गई। पति ने खुद से कोर्ट में सरेंडर कर दिया था, लेकिन पुलिस मामले की जांच में लगी हुई थी। महिला पहले भी एक लड़के के साथ जा चुकी थी इसलिए पुलिस ने उस लड़के की लोकेशन ट्रेस करना शुरू की। हरियाणा के मनेसर में मिली थी लोकेशन इसके बाद 4 दिन से कौशांबी पुलिस हरियाणा गुड़गांव के मनेसर में रुकी हुई थी और लोकेशन पर नजर रख रही थी। सोमवार को पुलिस ने उसी घर में पहुंची जहां महिला दूसरे युवक के साथ रह रही थी। पुलिस के पहुंचते ही महिला ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद पुलिस दोनों को कौशांबी लेकर आई। मायके वालों ने सच्चाई छिपाई, झूठा केस कराया घटना की सच्चाई को उसके मायके पक्ष के लोगों ने भी छिपाकर रखा था। साथ ही गंभीर मामले की झूठी तहरीर देकर बेकसूर परिवार को फंसाया था। महिला को बरामद करने के बाद कोर्ट में बयान और मेडिकल परीक्षण की कार्रवाई कराई जा रही है। घटना के आरोपी पिता-पुत्र को अरेस्ट कर लिया है और पूछताछ की जा रही है। ————————- यह खबर भी पढ़ें…. गाजियाबाद में पत्नी और उसके बॉयफ्रेंड की हत्या की:पति ने कॉल करके घर बुलाया, दोनों की लाश कमरे में छोड़कर भागा गाजियाबाद में अफेयर से नाराज पति ने पत्नी और उसके बॉयफ्रेंड की गोली मारकर हत्या कर दी। सोमवार रात करीब 12 बजे वारदात के बाद आरोपी कमरे में दोनों की लाश छोड़कर फरार हो गया। पड़ोसियों की सूचना पर गाजियाबाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अंदर गई तो कमरे में पत्नी शबनम (36) की लाश फर्श पर पड़ी थी। थोड़ी दूरी पर बॉयफ्रेंड फहीम (32) खून से लथपथ पड़ा था। पढ़ें पूरी खबर…

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