देवरिया में पंचायत सहायकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मानदेय में वृद्धि और सेवा नियमितीकरण की मांग की है। पंचायत सहायकों का कहना है कि वे वर्षों से ग्राम पंचायत स्तर पर महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त पारिश्रमिक और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। पंचायत सहायकों के जिला अध्यक्ष अरविंद कुशवाहा ने बताया कि वर्तमान में उन्हें मात्र 6,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई को देखते हुए बेहद कम है। उन्होंने कहा कि पंचायत सहायकों से ई-गवर्नेंस, ऑनलाइन पोर्टल संचालन, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, मनरेगा, पेंशन और राशन कार्ड जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाओं का कार्य नियमित रूप से कराया जाता है। कुशवाहा ने यह भी बताया कि उनका कार्यभार और जिम्मेदारियां नियमित कर्मचारियों के समान हैं। इसके बावजूद, उन्हें न तो सेवा स्थायित्व दिया गया है और न ही ईपीएफ, चिकित्सा सुविधा या बीमा जैसी अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे उनके आर्थिक और सामाजिक जीवन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने सरकार से मांग की है कि उनका मासिक मानदेय बढ़ाकर कम से कम 23,000 रुपये किया जाए। इसके साथ ही, उनकी सेवा का नियमितीकरण करते हुए उन्हें अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने भविष्य में मानदेय वृद्धि के लिए एक स्थायी नीति बनाने की भी मांग की है, ताकि उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके। पंचायत सहायकों ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगी।

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