गाजीपुर जिले के कासिमाबाद विकास खंड स्थित सिउरा ग्राम सभा में बना सामुदायिक शौचालय लंबे समय से बदहाल है। पानी, सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण ग्रामीणों को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इस स्थिति से ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों के अनुसार, शौचालय का निर्माण तो हो गया है, लेकिन इसके नियमित संचालन और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया। यहां न तो पानी की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही नियमित सफाई होती है। कई शौचालयों के दरवाजे भी टूटे हुए हैं, जिससे इनका उपयोग करना संभव नहीं है।
गांव की निवासी निधि ने बताया कि इस बदहाली के कारण महिलाओं और लड़कियों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि सामुदायिक शौचालय को लगातार खुला रखा जाए। निधि ने यह भी कहा कि अधिकारी जब निरीक्षण के लिए आते हैं, तभी शौचालय खुलता है और उनके जाने के बाद फिर बंद हो जाता है। वहीं, रुनिया देवी ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा, “6 महीने में एक बार खुलता है। क्या किया जाए, महिलाओं को बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ता है।” दूसरी ओर, ग्राम प्रधान पति सत्यपाल यादव का कहना है, “सामुदायिक शौचालय खुलता है, लेकिन इस समय गड्ढे भर गए थे, जिससे गंदगी सड़क पर आ जाती है। गांव वालों को दुर्गंध का सामना करना पड़ता है, इसलिए दिक्कत है। लेकिन शौचालय रोज खुलता है।” स्थानीय अध्यापक ने भी बताया कि स्वच्छता के अभाव का असर बच्चों के स्वास्थ्य और उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा है। खुले में शौच की मजबूरी से बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है, जो पूरे गांव के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराया, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। वहीं, जब इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका फोन नहीं उठ सका। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सामुदायिक शौचालय को जल्द से जल्द सुचारु रूप से चालू कराया जाए और पानी व सफाई की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि गांव में स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण बन सके।

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