कानपुर मेट्रो अब सिर्फ आने-जाने का जरिया नहीं, बल्कि शहर के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति का ‘ओपन एयर म्यूजियम’ बनती जा रही है। आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो के सफर के दौरान मुसाफिरों को शहर के अतीत और वर्तमान की जो झलक मिल रही है, उसका विस्तार अब झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर अंडरग्राउंड स्टेशनों तक होने जा रहा है। यहां दीवारों पर ब्रज की संस्कृति और प्रकृति के सुंदर रंगों को उकेरा जाएगा। झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर में दिखेगी भक्ति और प्रकृति: मेट्रो के तीसरे चरण (कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता) के तहत झकरकटी और ट्रांसपोर्ट नगर स्टेशनों पर आर्टवर्क का काम शुरू हो गया है। इन स्टेशनों पर यात्रियों को भारतीय संस्कृति के जीवंत दर्शन होंगे। योजना के मुताबिक, यहां भगवान श्रीकृष्ण की ग्वाल-बालों के साथ लीलाएं, नाचते हुए मोर, ऊंचे पर्वत और फूलों के बागों जैसे सुंदर प्राकृतिक दृश्य तैयार किए जा रहे हैं। इसके साथ ही कानपुर की आधुनिक पहचान बनती मेट्रो ट्रेन को भी कलाकृतियों के जरिए दिखाया जाएगा। एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) को भी मिला स्थान: मेट्रो प्रशासन ने सिर्फ इतिहास ही नहीं, बल्कि शहर के हुनर को भी सम्मान दिया है। स्टेशनों पर ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) के तहत कानपुर और उत्तर प्रदेश के पारंपरिक रोजगारों को कलाकृतियों में जगह दी गई है। इससे बाहर से आने वाले यात्रियों को शहर के व्यापार और शिल्प को समझने का मौका मिल रहा है। नौबस्ता तक मेट्रो पहुंचने से बदलेगी शहर की सूरत:
यूपी मेट्रो (UPMRC) के एमडी सुशील कुमार का कहना है,कि नौबस्ता तक मेट्रो सेवा शुरू होने से शहर के विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन आर्टवर्क का मकसद नई पीढ़ी को कानपुर की विरासत से जोड़ना है। जब मेट्रो का पूरा कॉरिडोर शुरू होगा, तो यह न केवल यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि शहर की अर्थव्यवस्था के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा।

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