बुलंदशहर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज हो गई है। अगले तीन माह में जमीन अधिग्रहण शुरू होने की संभावना है। इस परियोजना के तहत सदर तहसील क्षेत्र में सबसे अधिक भूमि अधिग्रहित की जाएगी। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, सदर तहसील के 17 गांवों में लगभग 1510 किसानों की 308 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए किसानों को लगभग 820 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। अन्य तहसीलों में भी अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। सिकंदराबाद तहसील के 2 गांवों में 149 किसानों को 40.38 करोड़ रुपये का मुआवजा मिलेगा। खुर्जा तहसील के 7 गांवों में 1651 किसानों को 308 करोड़ रुपये, शिकारपुर तहसील के 5 गांवों में 841 किसानों को 12.91 करोड़ रुपये तथा स्याना तहसील के 8 गांवों में 2618 किसानों को लगभग 1598 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। यह ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेस-वे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी गति देगा। खासकर जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक कॉरिडोर से इसे सीधा लाभ मिलेगा। एक्सप्रेस-वे के निर्माण से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यातायात सुगम होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, न्यू नोएडा परियोजना के तहत सिकंदराबाद तहसील के 8 गांवों की जमीन का अधिग्रहण यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) द्वारा किया जाएगा। इससे क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। प्रशासन का कहना है कि किसानों को पारदर्शी तरीके से मुआवजा दिया जाएगा और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। वहीं, किसानों में मुआवजे की दर और भूमि अधिग्रहण को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं।

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