अयोध्या जिले के रुदौली विकास खंड में तैनात खंड विकास अधिकारी अमित त्रिपाठी को शासन ने निलंबित कर दिया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की ओर से प्रमुख सचिव अनिल कुमार द्वारा निलंबन आदेश जारी किया गया। विवादों में घिरे अमित त्रिपाठी को निलंबन के बाद ग्राम विकास आयुक्त कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। यह कार्रवाई ग्राम प्रधानों की लगातार शिकायतों के बाद की गई। शासन द्वारा कराई गई जांच में कई गंभीर आरोपों की पुष्टि हुई है। जांच में सामने आया कि बीडीओ पर अधीनस्थ कर्मचारियों का वेतन अनियमित रूप से रोकने, अनुचित प्रतिकूल प्रविष्टियां देने और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप लगे हैं। इसके अलावा जबरन वसूली और उत्पीड़न के आरोप भी जांच में शामिल रहे। मनरेगा के तहत धनराशि स्वीकृत करने के बदले 10 प्रतिशत कमीशन लेने का आरोप भी उन पर लगा है। बताया जा रहा है कि यह अमित त्रिपाठी की रुदौली ब्लॉक में दूसरी तैनाती थी। इससे पहले भी वे अयोध्या जिले के बीकापुर और रुदौली ब्लॉक में तैनात रह चुके हैं, लेकिन विवादों के चलते उनका स्थानांतरण गैर जनपद कर दिया गया था। बाराबंकी में तैनाती के दौरान भी उनका नाम विवादों से जुड़ा रहा। सूत्रों के अनुसार, दूसरी बार रुदौली ब्लॉक में उनकी तैनाती कराने में सत्तापक्ष के एक स्थानीय नेता की भूमिका बताई जा रही थी। हालांकि, बदलते राजनीतिक समीकरणों के चलते शिकायतों की जांच में उन्हें राहत नहीं मिल सकी। प्रारंभिक जांच में गड़बड़ियों की पुष्टि होने के बाद शासन ने सख्त कदम उठाते हुए निलंबन की कार्रवाई की है।

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