त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची से 2 लाख 19 हजार 43 डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। आयोग ने 23 दिसंबर को अनंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद जिला प्रशासन को 19 लाख 28 हजार 560 संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची भेजकर सत्यापन का निर्देश दिया था। इस सत्यापन प्रक्रिया के लिए 22 मार्च तक का समय निर्धारित किया गया था। विस्तृत जांच पूरी होने के बाद यह कार्रवाई की गई है। सर्वाधिक डुप्लीकेट मतदाता शाहगंज इलाके में पाए गए, जिनकी संख्या 17 हजार 290 है। इसके बाद बक्शा ब्लॉक में 14 हजार 814 और मछलीशहर ब्लॉक में 12 हजार 851 डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। वर्तमान में जिले की 1734 ग्राम पंचायतों में कुल मतदाताओं की संख्या 37 लाख 23 हजार 888 है। इनमें 19 लाख 66 हजार 213 पुरुष और 17 लाख 57 हजार 675 महिला मतदाता शामिल हैं। सत्यापन कार्य के लिए 1959 बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) लगाए गए थे। 19 लाख 28 हजार 560 संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची में से जांच के दौरान 17 लाख 95 हजार 16 मतदाता वैध पाए गए। इन वैध मतदाताओं के आधार कार्ड के अंतिम चार अंक दर्ज किए गए हैं। आयोग ने इससे पहले भी 9 लाख 51 हजार 391 संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची सौंपी थी, जिसमें 2 लाख 78 हजार 880 डुप्लीकेट मतदाता मिले थे। इनमें कुछ मृत थे या स्थान बदल चुके थे। इस बार पूरे जिले का आंकड़ा लिया गया है, जिसमें सॉफ्टवेयर ने एक ही नाम वाले मतदाताओं को पकड़ा। घर-घर जाकर सत्यापन के दौरान बीएलओ ने मौजूद मतदाताओं के आधार कार्ड के अंतिम चार अंक दर्ज किए। जो मतदाता नहीं मिले, उनके नाम हटाने की रिपोर्ट संबंधित उपजिलाधिकारी को सौंप दी गई। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी पंचायत एवं नगरीय निकाय, राकेश कुमार सिंह ने बताया कि कई दिनों तक चली सत्यापन प्रक्रिया के बाद 2 लाख 19 हजार 43 डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। जांच के दौरान मिले मतदाताओं के आधार कार्ड के अंतिम चार अंक दर्ज किए गए हैं।

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