श्रावस्ती में कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की समय पर न मिलने से होटल व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। स्थानीय होटल प्लेटिनम में पिछले करीब 12 दिनों से लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाया जा रहा है। यह स्थिति घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह के उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बन गई है। होटल के जनरल मैनेजर वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि होटल में प्रतिदिन 40 से 45 कमरे बुक रहते हैं। भारतीय और विदेशी पर्यटकों सहित होटल स्टाफ को मिलाकर रोजाना लगभग 100 से 150 लोगों के लिए भोजन व नाश्ता तैयार करना पड़ता है। इसके लिए प्रतिदिन कम से कम दो कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आवश्यकता होती है। सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण होटल प्रबंधन को लकड़ी के चूल्हे और इंडक्शन का सहारा लेना पड़ रहा है। वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि इस समस्या को लेकर संबंधित विभाग को अवगत करा दिया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं हो सका है। लकड़ी पर खाना बनाने से प्रदूषण बढ़ रहा है और समय व संसाधनों की भी अधिक खपत हो रही है।
उल्लेखनीय है कि बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती में हर वर्ष जनवरी से अप्रैल के बीच देश-विदेश से बड़ी संख्या में बौद्ध श्रद्धालु आते हैं। श्रीलंका, थाईलैंड समेत अन्य देशों से आने वाले विदेशी पर्यटक श्रावस्ती के होटलों में ठहरते हैं, जिससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलता है। कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की समय पर आपूर्ति न होने से होटल कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। होटल प्रबंधन का कहना है कि यदि जल्द ही गैस सिलेंडरों की आपूर्ति समय से बहाल नहीं हुई, तो इसका सीधा असर पर्यटन और स्थानीय रोजगार पर भी पड़ सकता है।

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