नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने के साथ ही गौतमबुद्धनगर की अर्थव्यवस्था में तेज उछाल आने की संभावना है। एक्सपर्ट के अनुसार अगले पांच सालों में जिले की आर्थिक गतिविधियों में लगभग 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। वर्तमान में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी से करीब 94,272 करोड़ रुपये का एक्पोर्ट विदेशी बाजारों में होता है। जिसमें लगभग 40 प्रतिशत एक्सपोर्ट हवाई मार्ग से है। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद उद्योगों और व्यापारियों को सीधे वैश्विक बाजारों से कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे एक्सपोर्ट और निवेश दोनों बढ़ेंगे। अमेरिका, यूरोप और खाड़ी देशों तक सीधे निर्यात का रास्ता
एयरपोर्ट चालू होने के बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा के उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से सीधे जुड़ने का अवसर मिलेगा। यहां से निर्यात मुख्य रूप से अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, यूके, नीदरलैंड, यूएई, सऊदी अरब, सिंगापुर, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में होता है। इसके अलावा देश के प्रमुख शहरों मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता और अहमदाबाद समेत करीब 45 शहरों से हवाई कार्गो कनेक्टिविटी स्थापित होने की संभावना है
एक लाख टन कार्गो क्षमता
जेवर एयरपोर्ट को उत्तर भारत का बड़ा एयर कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब होगा। राज्य सरकार ने यहां अत्याधुनिक कार्गो कैंपस और एयर कैटरिंग यूनिट विकसित करने के लिए करीब 4,458 करोड़ रुपये के निवेश का समझौता किया है। यह परियोजना इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और कृषि उत्पादों के निर्यात को गति देगी। शुरुआती चरण में कार्गो क्षमता एक लाख टन से अधिक रहने की संभावना है, जिसे भविष्य में मांग के अनुसार बढ़ाया जाएगा। पश्चिमी यूपी और अन्य राज्यों का निर्यात भी होगा शिफ्ट
एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद केवल नोएडा-ग्रेटर नोएडा ही नहीं, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के उद्योगों का भी बड़ा हिस्सा यहां से निर्यात करना शुरू करेगा। अनुमान है कि अगले दो से तीन सालों में करीब 15 से 20 प्रतिशत एयर निर्यात जेवर एयरपोर्ट पर शिफ्ट हो सकता है। इससे दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर दबाव भी कम होगा।
यमुना सिटी में उद्योगों का बड़ा क्लस्टर
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में तेजी से उद्योग विकसित हो रहे हैं। यहां अगले पांच सालों में 5 हजार से अधिक उद्योग स्थापित होने की संभावना है। इनमें प्रमुख रूप से
अपैरल इंडस्ट्री का सबसे बड़ा हब
नोएडा और ग्रेटर नोएडा पहले से ही उत्तर भारत का सबसे बड़ा अपैरल निर्यात हब माने जाते हैं। इसे ओडीओपी में भी शामिल किय गया है। यहां से अभी करीब 55 हजार करोड़ रुपये का रेडीमेड गारमेंट्स निर्यात होता है। यमुना सिटी में 175 एकड़ में नोएडा अपैरल एक्सपोर्ट क्लस्टर (NAEC) विकसित किया जा रहा है, जहां करीब 150 से अधिक वस्त्र उद्योग स्थापित होंगे। इसके बाद आगामी वर्षों में अपैरल निर्यात 55 हजार करोड़ से बढ़कर लगभग 90 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

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