कन्नौज शहर से निकलने वाले कूड़े को एमआरएफ सेंटर भेजने की वजाय तालाब में डलवाया जा रहा है। यहां कूड़े के ढेर को आग लगाकर नष्ट करने के भी प्रयास होते हैं। जिस कारण दिन-रात कूड़ा सुलगता रहता है। शहरी क्षेत्र से हर दिन करीब 40 टन कूड़ा निकलता है। इसके निस्तारण के लिए अजय पाल मोहल्ले में सयंत्र लगा है। हालांकि ये कूड़ा सयंत्र अधिकांश समय बन्द रहता है। कूड़े का निस्तारण न हो पाने के कारण नगर पालिका द्वारा शहर के बाहरी एरिया में कूड़ा फिकवाया जा रहा है। सरायमीरा में पूर्वी बाईपास स्थित बलही गांव के बाहर एक तालाब में पिछले कुछ समय से पालिका कर्मी कूड़ा फेंक रहे हैं। इसको नष्ट करने के लिए आग भी लगा देते। जिससे दिन-रात कूड़ा सुलगता रहता और जहरीली गैस हवा में घुलती है। जहां पर कूड़ा फेंका जाता है, वहां एक डिग्री कॉलेज भी संचालित है। जिससे छात्र-छात्राओं में संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। सरायमीरा निवासी अल्केश त्रिवेदी ने बताया कि हर दिन नगर पालिका के कर्मी ट्रैक्टर पर कूड़ा भरकर बलही गांव के पास ले जाते हैं और फिर हाइवे किनारे तालाब में कूड़ा फेंक देते हैं। ये प्रक्रिया करीब एक महीने से चल रही है। एक कर्मी ने बताया कि तालाब को बन्द कराने के लिए अधिकारियों ने कहा है, जिस कारण वहां कूड़ा डलवाया जा रहा है। इस मामले को लेकर नगर पालिका का अधिशासी अधिकारी श्यामेन्द्र मोहन चौधरी से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। ठप पड़ा एमआरएफ सेंटर- कूड़े की समस्या से निपटने के लिए शहर से सटे गांव गाजीपुरवा में करीब 3 साल पहले एमआरएफ सेंटर बनकर तैयार किया गया। जोकि पूरी तरह से संचालित नहीं हो सका। उधर कूड़ा सयंत्र भी ठप है। जिस कारण कूड़े को सड़क किनारे फेंकने की नगर पालिका की मजबूरी बन गई।

Leave a Reply