उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक भर्ती की चयन सूची को लेकर अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ गया है। जारी प्रारंभिक सूची में 103 प्रधानाध्यापकों के चयन का ऐलान किया गया था, लेकिन बेसिक शिक्षा निदेशक के हस्ताक्षर न होने से विवाद खड़ा हो गया। इसके बाद संशोधित सूची जारी हुई, जिसमें केवल 91 अभ्यर्थियों के नाम शामिल हैं। अभ्यर्थी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर 12 प्रधानाध्यापकों के नाम क्यों कट गए? बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने शुक्रवार को चयन प्रक्रिया की जानकारी दी थी, जिसके बाद सूची पर सवालों की बौछार हो गई। वर्ष 2021 से लंबित इस भर्ती में मूल रूप से 390 प्रधानाध्यापक व 1504 सहायक अध्यापक पदों पर भर्ती प्रस्तावित थी, लेकिन बाद में पदों की संख्या घटा दी गई। वर्तमान में प्रधानाध्यापक के 203 पदों के सापेक्ष मात्र 91 का चयन हुआ है, जबकि सहायक अध्यापक के 634 पदों पर सभी 634 अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया। करीब 600 विद्यालयों की रिक्तियों का ही विवरण जारी किया गया था। सूत्र बताते हैं कि नियमावली में अनंतिम चयन सूची का कोई प्रावधान नहीं है, जिससे प्रक्रिया पर और सवाल उठ रहे हैं। अभ्यर्थी विभाग से स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं।

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