संभल में मंगलवार सुबह न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 170 रहा। बीते दिनों हुई बेमौसम बारिश के बाद मौसम विभाग ने आज भी बादल छाए रहने का अलर्ट जारी किया है। इस बारिश से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। मंगलवार सुबह 8 बजे संभल का तापमान 20 डिग्री सेल्सियस था, जो दिन में अधिकतम 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। यह पिछले एक महीने के औसत तापमान से 5 डिग्री सेल्सियस कम है। हफ्ते में तीन बार हुई बारिश और तेज हवाओं के कारण सुबह-शाम ठंडक महसूस की जा रही है। बदलते मौसम का असर आम जनजीवन पर पड़ा है। सुबह खेतों में काम करने वाले किसान और दोपहिया वाहन चालकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में खांसी, जुकाम और बुखार के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। यदि बारिश न होती तो गेहूं की तैयार फसल दो-तीन दिनों में कट जाती और किसानों को अच्छा लाभ मिलता। बारिश के कारण गेहूं की 50-60 प्रतिशत फसल खराब हो गई है। इसके अलावा, सरसों की बची हुई 80 प्रतिशत और आलू की 20 प्रतिशत फसल को भी नुकसान पहुंचा है। एक किसान ने बताया कि जहां ढाई क्विंटल गेहूं निकलने की उम्मीद थी, वहां अब केवल एक क्विंटल ही निकल पाएगा। चंदौसी जंक्शन से लखनऊ जाने वाली सभी ट्रेनें और बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर ट्रेन अपने निर्धारित समय पर चल रही हैं। हालांकि, मौसम बदलने के बाद रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या में कमी आई है। स्थानीय निवासी रेहान ने कहा कि मौसम बदलने से तरह-तरह की बीमारियों के फैलने का डर है, क्योंकि सुबह-शाम ठंड और दिन में गर्मी महसूस होती है। व्यापारी नितिन गुप्ता ने बताया कि बदलते मौसम का असर बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक दिख रहा है, हालांकि त्योहारों के कारण बाजारों में भीड़ है।

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