चंदौली जिले में एक अधिवक्ता पर जानलेवा हमला कर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। अधिवक्ता मुरलीधर ने आरोप लगाया है कि मुकदमे की पैरवी छोड़ने के लिए विपक्षी पक्ष ने उन पर हमला किया और गाली-गलौज की। इस मामले में पुलिस पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई न करने का आरोप है। अधिवक्ता मुरलीधर अलीनगर थाना क्षेत्र के अमोधपुर निवासी हैं और पीडीडीयू नगर (मुगलसराय) तहसील में वकालत करते हैं। वह अपने मुवक्किल रविशंकर के लिए एक राजस्व संबंधी मुकदमे की पैरवी कर रहे हैं। इस मामले में विपक्षी प्रदीप कुमार और उनके परिजन लगातार उन पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे थे। पीड़ित अधिवक्ता के अनुसार, यह घटना 12 जुलाई 2025 को सुबह करीब 11:30 बजे हुई। जब वह मुगलसराय बाजार से अपने घर लौट रहे थे, तभी लोको अस्पताल के पास विपक्षी प्रदीप कुमार ने अपने साथियों के साथ उन्हें रोका। आरोपियों ने अधिवक्ता के साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। मौके पर मौजूद एटीएम गार्ड और स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से उनकी जान बची। अधिवक्ता मुरलीधर ने बताया कि मारपीट में उन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं। उन्होंने घटना के बाद अलीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, उनका आरोप है कि विपक्षी के प्रभाव के कारण पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। पीड़ित अधिवक्ता ने आशंका जताई है कि आरोपी उन पर दोबारा हमला करने की योजना बना रहे हैं और उनके कचहरी आने-जाने पर नजर रख रहे हैं। उन्होंने अपनी जान-माल को गंभीर खतरा बताया है। इस मामले में अधिवक्ता ने जिलाधिकारी और अन्य उच्च अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अलीनगर थानाध्यक्ष अनिल पाण्डेय ने बताया कि अधिवक्ता की तहरीर मिली है और जाँच करके कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में एक जाँच टीम गठित की गई है।

Leave a Reply