उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने बकायेदार आवंटियों को राहत देते हुए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का विस्तृत एक्शन प्लान जारी कर दिया है। सोमवार को अपर आवास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में योजना को तेजी से लागू करने और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए। योजना के तहत डिफॉल्टर आवंटियों को ब्याज में बड़ी राहत मिलेगी। तय किया गया है कि 90 दिन तक किस्त जमा न करने वालों से केवल साधारण ब्याज ही लिया जाएगा, उन पर किसी तरह का दंडात्मक ब्याज नहीं लगाया जाएगा। इससे हजारों आवंटियों को बकाया चुकाने में सहूलियत मिलेगी। प्रोसेसिंग फीस तय, पुराने नियमों से होगी गणना ओटीएस में आवेदन के लिए संपत्ति की श्रेणी के हिसाब से 100 से 11 हजार रुपए तक प्रोसेसिंग फीस तय की गई है, जिसे एकमुश्त जमा करना होगा। जिन आवंटियों ने पहले किस्तों का पुनर्निर्धारण कराया है, उनके मामलों में बकाया की गणना मूल आवंटन की शर्तों के आधार पर ही की जाएगी। SMS-ईमेल से सूचना, हर जोन में हेल्प डेस्क योजना के प्रचार-प्रसार पर खास जोर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी बकायेदारों की अपडेट सूची तैयार कर उन्हें एसएमएस और ईमेल के जरिए सूचना दी जाए। एक महीने तक अखबार, रेडियो और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही, प्रत्येक जोन में हेल्प डेस्क और सहायता केंद्र खोले जाएंगे, जहां आवंटी अपनी समस्याओं का समाधान करा सकेंगे। योजना की निगरानी के लिए उच्चस्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी भी बनाई जाएगी।

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