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यूपी में 2 दिन बाद फिर से बारिश का अलर्ट:पिछले 7 दिन में 10 अधिक जिलों का तापमान 10°C गिरा, लखीमपुरखीरी सबसे गर्म

उत्तर प्रदेश में बीते तीन दिनों के दौरान मौसम ने अचानक करवट ली। तेज झोंकेदार हवाओं, गरज-चमक और बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी, लेकिन इसके साथ ही तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। करीब 10 जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस या उससे भी नीचे चला गया, जिससे मार्च के महीने में हल्की ठंड का अहसास हुआ। वहीं सोमवार को नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बरेली, मथुरा समेत 10 जिलों में हल्की बारिश हुई। संभल में आंधी के साथ तेज बारिश हुई। मौसम विभाग का कहना है कि आज से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। तापमान 4 से 7°C तक बढ़ेगा। हालांकि, 26 मार्च से एक और पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। इससे 3-4 दिन तक पूरे प्रदेश में बारिश का दौर फिर से शुरू होगा। पिछले 24 घंटे की बात करें तो बाराबंकी-महाराजगंज समेत 10 जिलों में हल्की बारिश हुई। सबसे अधिक तापमान लखीमपुर खीरी में 33 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। बिजनौर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 14.5°C रिकॉर्ड किया गया। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया- पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिम यूपी में आज बादल छाए हैं। रुक-रुक कर बारिश हो रही है। अगले 2-3 दिन मौसम साफ रहेगा। तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा। हालांकि, 26 मार्च से पूरे प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू होगा। अगले 2 दिन कैसा रहेगा मौसम ? सरकार बोली- फसल गिरी तो किसान बीमा क्लेम कर सकते हैं
बारिश से जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उनके लिए राहत की खबर है। सरकार के मुताबिक, कटाई के 14 दिनों के भीतर अगर फसल खराब होती है तो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम कर सकते हैं। जिला प्रशासन प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट देगा, जिसके आधार पर यूपी सरकार मुआवजा देने का फैसला कर सकती है। आंधी से गेहूं, अरहर की फसल को नुकसान, कैसे करें बचाव
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और तेज हवा का असर रबी, जायद और बागवानी फसलों पर पड़ा है। इस समय अरहर, सरसों, चना, मटर, मूंग और मूंगफली में फलियां बन रही हैं और दाने भर रहे हैं। तेज हवा चलने से फलियां फट सकती हैं और दाने झड़ सकते हैं। गेहूं की फसल भी तेज हवा से गिर सकती है, जिससे पैदावार कम होने का खतरा है। सब्जियों में भिंडी, टमाटर, लौकी, खीरा, तरबूज, खरबूजा, बैंगन और मिर्च के फूल और छोटे फल गिर सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि जो फसल पक चुकी है, उसकी तुरंत कटाई कर लें और सुरक्षित जगह पर रखें। खेतों में पानी जमा न होने दें, इसके लिए जल निकास की सही व्यवस्था करें।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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