फिरोजाबाद में विशेष पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग दलित लड़की के अपहरण और दुष्कर्म मामले में एक आरोपी को 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 30,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। यह फैसला विशेष पॉक्सो कोर्ट के जज मुमताज अली ने सुनाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सौरभ के निर्देश पर चलाए गए “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत पुलिस और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के कारण यह सजा संभव हो पाई। यह मामला थाना पचोखरा क्षेत्र के ग्राम गढ़ी हरराय का है। 26 जुलाई 2021 को डोकेली थाना मत्सैना निवासी मंगल सिंह पुत्र अंगनलाल पर आरोप लगा कि उसने वादी की नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपहरण कर लिया। इस संबंध में वादी के पिता ने 28 जुलाई 2021 को थाना पचोखरा में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। जांच के दौरान, साक्ष्यों के आधार पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 366 (अपहरण), 376 (दुष्कर्म) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराएं जोड़ी गईं। चूंकि पीड़िता दलित समुदाय से थी, इसलिए मामले में अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(5) भी शामिल की गई। मामले के विवेचक ने घटना के 94 दिन बाद, 30 अक्टूबर 2021 को कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। इस मामले में पुलिस और अभियोजन पक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण रही। कोर्ट में प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के सशक्त प्रस्तुतिकरण में अभियोजन पक्ष के प्रमुख कंसल्टेंट देवप्रकाश, थाना पचोखरा पुलिस टीम और मॉनिटरिंग सेल ने अहम भूमिका निभाई। कोर्ट के इस फैसले से समाज में यह स्पष्ट संदेश गया है कि ऐसे जघन्य अपराध करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उन्हें सख्त सजा मिलेगी।

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