प्रयागराज के फाफामऊ इलाके में सोमवार को हुए कोल्ड स्टोरेज हादसे में चार मजदूरों की मौत के मामले में अब बड़ा खुलासा हुआ है। घटना का एक लाइव वीडियो सामने आया है, जिसने हादसे के पीछे की असली वजहों को उजागर कर दिया है। वीडियो फुटेज से साफ संकेत मिल रहे हैं कि यह हादसा महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लगातार हो रही लापरवाही और ओवरलोडिंग का परिणाम था।
58 सेकेंड का वीडियो
घटना से ठीक पहले का 58 सेकंड का वीडियो अब सामने आया है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कोल्ड स्टोरेज का अगला हिस्सा अचानक दरकता है और कुछ ही सेकंड में पूरी संरचना भरभराकर गिर जाती है। मौके पर मौजूद लोगों ने इस भयावह मंजर को अपने मोबाइल में कैद कर लिया।
वीडियो यह भी संकेत देता है कि बिल्डिंग पहले से कमजोर हो चुकी थी और उसमें दरारें मौजूद थीं।
इसलिए ढह गई बिल्डिंग
सामने आया है कि कोल्ड स्टोरेज की क्षमता लगभग 8000 मीटर क्यूब थी, लेकिन इसमें क्षमता से कहीं अधिक मात्रा में आलू की बोरियां स्टोर की गई थीं। इन बोरियों का कुल वजन पांच हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया था। जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 4200 टन ही होती है। इतना भारी लोड से बिल्डिंग पर लगातार प्रेशर माउंट होता रहा। इससे मजबूती धीरे-धीरे खत्म होती चली गई और अंततः यह ढह गई। निर्माण में गंभीर खामियां
यह भी बात सामने आई है कि…
कोल्ड स्टोरेज का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं किया गया था
मजबूत नींव की जगह सिर्फ बीम खड़े कर ढांचा तैयार किया गया
भारी लोड के हिसाब से स्ट्रक्चर डिजाइन नहीं था
समय के साथ दीवारों और बीम में दरारें आ चुकी थीं
इसके बावजूद न तो मरम्मत कराई गई और न ही संचालन रोका गया।
खतरे के संकेतों को लगातार नजरअंदाज किया गया
मजदूरों को जोखिम के बावजूद काम पर लगाया गया
सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए ब्लास्ट नहीं हुआ
वीडियो सामने आने के बाद अब यह भी साफ हो गया है कि कोल्ड स्टोरेज में ब्लास्ट नहीं हुआ। दरअसल भारी मात्रा में अमोनिया लीक होने के बाद ऐसी आशंका जताई जा रही थी कि लीकेज के बाद ब्लास्ट के चलते बिल्डिंग का एक हिस्सा कोलैप्स हुआ। हालांकि वीडियो में साफ है कि हादसे से पहले कोई ब्लास्ट नहीं हुआ। नाम न छापने की शर्त पर एक अफसर ने बताया कि अमोनिया के रिसाव का कारण बिल्डिंग के ढहने के बाद रेफ्रिजरेशन के लिए कोल्ड स्टोरेज के भीतर बिछाए गए पाइप लाइन और अमोनिया चैंबर का क्षतिग्रस्त होना है। जिम्मेदार अफसर बोले- व्यस्त हूं
इस मामले में कोल्ड स्टोरेज के लाइसेंसिंग अथॉरिटी जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव से बात करने की कोशिश की गई। हालांकि उन्होंने व्यस्त होने और कुछ देर बाद जवाब देने की बात कही। फिर उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।

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