नोएडा में एमपी-1 पर बनने वाली एविलेटड रोड की दोबारा से डीपीआर और डिजाइन तैयार किया जाएगा। नई डीपीआर को आईआईटी भेजा जाएगा। ये एलिवेटेड सेक्टर-57 से डीएनडी तक बनाई जाएगी। समस्या रजनीगंधा चौक पर है। यहां अंडरपास और मेट्रो दोनों है। इसलिए इसके डिजाइन में बदलाव किया जा रहा है। दरअसल, रजनीगंधा एमपी-1 रोड पर अंडरपास बना हुआ है। डीएससी रोड पर मेट्रो लाइन है। इस लाइन के ऊपर से एलिवेटड बनाई जाए या फिर एलिवेटड को दो खंडों में बांटकर बनाई जाए। इसकी फिजिबिलिटी तैयार करने के बाद डीपीआर तैयार की जाएगी। इससे पहले भी इसकी डीपीआर तैयार की गई थी।
इन सेक्टरों का ट्रैफिक होगा स्मूद
प्राधिकरण ने बताया कि डीएनडी से सीधे सेक्टर-57 चौराहे तक एलिवेटड बनने से दिल्ली से नोएडा के सेक्टर-57, 58, 59 के अलावा 65 और मामूरा और अन्य सेक्टरों के ट्रैफिक स्मूद होगा। उनको रेड लाइट और जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही 30 मिनट का समय 10 मिनट में तय किया जा सकेगा। इस एलिवेटड के निर्माण में करीब 600 करोड़ रुपए खर्च किए जा सकते है। डीपीआर में इसका बजट को बताया गजाएगा। खास बात यह है कि साल 2015-16 में यूपी के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस परियोजना का शिलान्यास किया था लेकिन उसके बाद से इसकी फाइल दब गई। पीक आवर में रहता है जाम
सुबह और शाम व्यस्त समय में रजनीगंधा से सेक्टर-12-22-56 तिराहे तक वाहनों का दबाव रहता है। शाम के वक्त तो वाहन रेंगते नजर आते हैं। आने वाले समय में वाहनों का यहा दबाव और भी बढ़ेगा। इस सड़क से शहर के औद्योगिक सेक्टरों के साथ कई आवासीय सेक्टरों को लोग जाते हैं। वहीं गाजियाबाद खासकर खोड़ा और इंदिरापुरम, दिल्ली जाने वाला ट्रैफिक भी होता है। इस लिहाज से आवागमन के लिए यह सड़क अहम है। सपा काल में हो चुका शिलान्यास
सपा शासनकाल में इस परियोजना का शिलान्यास तक हो चुका है। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एमपी वन रास्ते पर सेक्टर-10 से सेक्टर-12-22 तिराहे तक एलिवेटेड रोड की परियोजना का शिलान्यास किया था। इसके बाद साल 2017 में भाजपा के सत्ता में आने पर फिर से इसकी प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन कुछ समय बाद मामला ठंडे बस्ते में गया।

Leave a Reply