अलीगढ़ के नगला खिटकारी का बादल बाबू प्यार के चक्कर में पाकिस्तान की जेल में बंद है। बादल के वतन वापसी की राह देख रहे उसके माता–पिता को मिलने की उम्मीद जग गई है। बादल के पिता कृपाल सिंह और मां गायत्री देवी जल्द ही पाकिस्तान जाकर अपने बेटे से मुलाकात करेंगे। इस पूरी कानूनी प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मोमिन मलिक उनकी मदद कर रहे हैं। पासपोर्ट का इंतजार, वकील बोले- मैं साथ चलूंगा बादल के माता-पिता पिछले काफी समय से बेटे की एक झलक पाने को बेताब हैं। पिता कृपाल सिंह ने बताया कि पासपोर्ट की सभी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं। हालांकि, पासपोर्ट 15 मार्च को ही मिलना था, लेकिन कुछ तकनीकी कारणों से अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही पासपोर्ट हाथ में आएगा वे दिल्ली के लिए रवाना होंगे। सुप्रीम कोर्ट के वकील मोमिन मलिक ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि वे खुद उनके साथ पाकिस्तान जाएंगे और जेल में मुलाकात की औपचारिकताएं पूरी कराएंगे। जेल में मुलाकात की कोशिशें तेज बादल को कुछ समय के लिए पाकिस्तान के लाहौर में डिटेक्शन सेंटर में रखा गया था, लेकिन कागजी कार्रवाई अधूरी होने के कारण उसे दोबारा जेल भेज दिया गया। पाकिस्तान में बादल का केस लड़ रहे वकील फियाज रामे ने बादल के पिता को बताया कि सुरक्षा कारणों से जेल के भीतर फोन ले जाना मना है, इसलिए फोन पर सीधी बात कराना फिलहाल संभव नहीं है। कागजी कार्रवाई जारी कृपाल सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के वकील मोमिन मलिक ने परिवार से सभी दस्तावेज मांगे हैं ताकि दिल्ली स्थित दूतावास और अन्य सरकारी विभागों की औपचारिकताएं समय पर पूरी हो सकें। वहीं, उन्होंने बताया कि मंगलवार को वह अलीगढ़ में भी अधिकारियों से मिलकर अपने दस्तावेज पूरे कराएंगे। ये था मामला बादल बाबू अपनी पाकिस्तानी प्रेमिका सना से मिलने के लिए 22 दिसंबर 2024 को बिना वैध दस्तावेजों के सीमा पार कर गया था। वहां पासपोर्ट और वीजा न होने के कारण उसे गिरफ्तार कर लिया गया। तब से वह पाकिस्तान की जेल में बंद है। मां गायत्री देवी का कहना है कि वे अपने बेटे को देखने के लिए दिन-रात प्रार्थना कर रही हैं।

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