करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पाल अम्मू आज अयोध्या पहुंचे। अपने भव्य स्वागत के बाद उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या व ब्रजेश पाठक दोनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को काम नहीं करने दे रहे। मथुरा के फरसा बाबा की हत्या में हुई कार्रवाई इसी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज में बटुकों को पीटना भगवा का अपमान है, लेकिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की भाषा भी उचित नहीं है। अम्मू ने आरक्षण पर भी सरकार को घेरा।कहा कि आरक्षण आर्थिक आधार पर होना चाहिए और यदि वर्तमान व्यवस्था को ही लागू रखना है तो सरकार बताए कि आखिर 75 वर्षों में पिछड़ों और अनुसूचित वर्ग के लोगों का भला क्यों नहीं हुआ। उन्होंने जातीय संगठनों को देश के लिए अनुचित बताया। कहा, जातीय संगठनों से किसी का भला नहीं होने वाला। उन्होंने करणी सेना को सर्वसमाज का संगठन बताया। यह धारणा गलत है कि संगठन में सिर्फ क्षत्रिय हैं। इसमें ब्राह्मण, वैश्य, कायस्थ और पिछड़े व अनुसूचित वर्ग के भी लोग हैं। सोमवार को अयोध्या दौरे पर आए अम्मू ने यूजीसी पर केंद्र सरकार की चुप्पी पर भी प्रश्न उठाये। कहा कि जिन मतदाताओं के बूते नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बने, उन्हीं की उपेक्षा की जा रही है। जिन्होंने 20 मिनट में रामजन्मभूमि पर विवादित ढांचा गिरा दिया। वही सरकार को भी गिरा सकते हैं।
UGC के नए नियम को लेकर कही बात
यूजीसी के नए नियम यदि वापस नहीं हुए तो वृहद स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने आंदोलन में उन पिछड़ों और अनुसूचित जाति के लोगों के सम्मिलित होने का आह्वान किया, जिन्हें नौकरी नहीं मिल। अध्यक्ष ने कहा कि कि चौथी बार अयोध्या आए हैं और मंदिर आंदोलन में भी सक्रिय भागीदारी की, लेकिन प्राण प्रतिष्ठा एवं अन्य अवसरों पर कारसेवकों को आमंत्रित तक नहीं किया गया। उद्योगपतियों और फिल्मी सितारों को बुलाया गया, जबकि इनकी आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने श्वेताराज सिंह को संगठन का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष घोषित किया। इस अवसर पर व्यापार शक्ति के सचिन सिंहल, संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश शुक्ला, जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता, महिला प्रकोष्ठ की जिलाध्यक्ष सविता सिंह आदि की उपस्थिति रही।

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