आगरा के सेंट पैट्रिक्स जूनियर कॉलेज पर स्कूल परिसर में यूनिफॉर्म बेचने और विशेष दुकान से किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों को मजबूर करने पर ₹5 लाख का जुर्माना लगा है। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने शिकायतों और छापेमारी के बाद नाराजगी व्यक्त की। क्या था मामला
गुरुवार को शिकायत पर जीआइसी प्रधानाचार्य डा. मानवेंद्र सिंह और खंड शिक्षाधिकारी बाह अमरनाथ ने सेंट पैट्रिक्स जूनियर कालेज में छापा मारा था। इस दौरान उन्हें स्कूल के अंदर काउंटर लगाकर यूनिफार्म बेची जाती हुई मिली थी। साथ ही स्कूल परिसर में मिले अभिभावकों ने बताया कि स्कूल ने संजय प्लेस स्थित माहेश्वरी बुक डिपो से ही पुस्तकें खरीदने के निर्देश दिए हैं। डीएम की कार्रवाई
सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षकों के साथ बैठक की। इसमें अभिभावकों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। सभी पक्षों को सुनने और छापा मारने वाले अधिकारियों की रिपोर्ट को देख डीएम बेहद नाराज दिखे। उन्होंने शासनादेशों का उल्लंघन कर स्कूल परिसर से यूनिफार्म बेचने और चिह्नित दुकानदारों से पुस्तकें खरीदने के लिए अभिभावकों को निर्देशित करने के आरोपों का दोषी मानते हुए दो लाख का जुर्माना वसूलने का नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बेसिक शिक्षा अधिकारी की कार्रवाई
वहीं मामले में बेसिक शिक्षाधिकारी जितेंद्र कुमार गोंड ने भी स्कूल पर सख्त कार्रवाई की है। इसके अंतर्गत उन्होंने स्कूल पर कुल पांच लाख का जुर्माना वसूलने के लिए नोटिस भेजने की बात कही है। साथ ही मामले में स्पष्टीकरण भी मांगा है। अन्य स्कूलों पर भी होगी कार्रवाई
नया सत्र प्रारंभ होने से पूर्व ही स्कूलों ने प्रकाशकों और पुस्तक विक्रेताओं से सांठगांठ कर महंगी पुस्तकों और यूनिफार्म के नाम पर अभिभावकों को ठगना आरंभ कर दिया है। इसकी शिकायत अधिकारियों तक भी पुहंचीं है। मामले में आठ स्कूलों की जांच के निर्देश डीएम ने शिक्षाधिकारियों को दिए हैं। अब रोजाना स्कूलों के विरुद्ध मिल रही शिकायतों पर छापामार कार्रवाई होगी और रिपोर्ट के आधार पर दोषी स्कूलों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

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