संभल में चैत्र नवरात्र के दौरान सिद्धपीठ चामुंडा मंदिर में हजारों श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना के लिए पहुंच रहे हैं। प्रतिदिन मंगला आरती के बाद दर्शन शुरू होते हैं और देर रात 12 बजे तक 2500 से अधिक भक्त दर्शन करते हैं। मंदिर परिसर में महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट है, साथ ही सीसीटीवी कैमरों से भी निगरानी की जा रही है। चैत्र नवरात्र के पांचवें दिन सोमवार को संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला हल्लू सराय स्थित सिद्धपीठ श्रीचामुंडा मंदिर में मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। मंदिर को रंग-बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया था, जिससे पूरा परिसर जगमगा उठा। देखें, 4 तस्वीरें… महाआरती में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और मां दुर्गा के साथ-साथ मां ज्वाला देवी से लाई गई दिव्य ज्योत के दर्शन किए। मंदिर में नौ दिवसीय मेला भी लगा हुआ है। मां स्कंदमाता चार भुजाओं वाली हैं और कमल के पुष्प पर विराजमान रहती हैं, इसलिए उन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है। उनकी गोद में बाल रूप में कार्तिकेय विराजमान रहते हैं। मान्यता है कि इनकी पूजा करने से स्वयं कार्तिकेय की पूजा का फल भी प्राप्त होता है।
श्रद्धालु राजेंद्र ने बताया कि यह संभल शहर का एक प्रसिद्ध मंदिर है, जहां प्रतिदिन महाआरती में बड़ी संख्या में भक्त शामिल होते हैं। एक अन्य श्रद्धालु अनुराग शर्मा ने जानकारी दी कि चामुंडा मंदिर में मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।
मंदिर के महंत मुरली सिंह के अनुसार, संभल शहर के बसने के समय से ही मां चामुंडा का यह स्थान है। यह मंदिर सम्राट पृथ्वीराज चौहान की कुलदेवी को समर्पित है। यहां हर छह महीने में दो बार नवरात्र मेला लगता है और मां ज्वाला देवी से दिव्य ज्योत लाई जाती है, जिसके दर्शन के बाद श्रद्धालु अपने घरों को अखंड ज्योत लेकर जाते हैं।

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