काशी हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। हिंदी विभाग के परास्नातक (MA) द्वितीय वर्ष के छात्र शैलेश विश्वकर्मा ने विश्वविद्यालय के सुरक्षा तंत्र के एक कर्मचारी पर गंभीर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। सड़क पर बैठकर स्टूडेंट जमकर नारेबाजी कर रहे है। छात्रों को समझने के लिए हॉस्टल के वार्डन और प्राक्टोरियल बोर्ड के सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे हैं। क्या है पूरा मामला?
छात्र द्वारा मुख्य आरक्षाधिकारी को सौंपे गए पत्र के अनुसार, घटना 23 मार्च 2026 की शाम करीब 4:30 बजे की है। शैलेश विश्वकर्मा विश्वनाथ मंदिर (VT) के पास अपनी साइकिल खड़ी करने गए थे। छात्र का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि वहां साइकिल खड़ी करना वर्जित है। तभी वहां तैनात सुरक्षाकर्मी ने उन्हें रोका। छात्र ने जब एक मिनट का समय मांगा, तो आरोप है कि वहां मौजूद एक सुरक्षाकर्मी ने छात्र को साइकिल समेत उठाकर पटक दिया। इस घटना से आहत होकर छात्र ने अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान किया है। उनकी तीन मुख्य मांगें हैं • आरोपी दिनेश (राठौर) के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाए। • जब तक लिखित रूप में ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना जारी रहेगा। • मामले की जांच के लिए एक निष्पक्ष कमेटी बनाई जाए, जिसमें प्रशासन के पक्षपाती अधिकारियों को शामिल न किया जाए।

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