बुलंदशहर में सोमवार को डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने वार्षिक निरीक्षण के तहत पुलिस लाइन सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इसमें जनपद के सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारी और थाना/शाखा प्रभारी शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य अपराधों की समीक्षा करना और आगामी त्योहारों के लिए आवश्यक निर्देश देना था। इस बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक नगर शंकर प्रसाद, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. तेजवीर सिंह और पुलिस अधीक्षक अपराध नरेश कुमार सहित सभी क्षेत्राधिकारी और थाना प्रभारी उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान डीआईजी ने डिबाई, अनूपशहर और शिकारपुर सर्किल में लंबित विवेचनाओं की अधिक संख्या पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने इन मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। डीआईजी ने स्पष्ट किया कि एक वर्ष से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं को थाना प्रभारी स्वयं देखेंगे, जबकि क्षेत्राधिकारी हर 15 दिन में इनकी समीक्षा करेंगे। नैथानी ने गंभीर अपराधों में शामिल सक्रिय अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर और गुंडा एक्ट जैसी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गोकशी के मामलों में वांछित आरोपियों पर इनाम घोषित कर उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित करने को कहा गया। साथ ही, ऐसे मामलों में वाहन मालिकों को भी अभियुक्त बनाने के निर्देश दिए गए।
साइबर अपराधों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। डीआईजी ने एनसीआरपी पोर्टल पर एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, 5 लाख रुपये से अधिक के धोखाधड़ी के मामलों की समीक्षा सीओ साइबर द्वारा की जाएगी। बैठक में यक्ष ऐप पर डेटा फीडिंग, ई-साक्ष्य, ई-सम्मन, सीईआईआर पोर्टल, नेटग्रिड और जेडएफडी की भी समीक्षा की गई। नेटग्रिड की बेहतर जानकारी रखने के लिए उपनिरीक्षक पवन प्रताप सिंह को पुरस्कृत किया गया। आगामी राम नवमी, महावीर जयंती और अंबेडकर जयंती को देखते हुए डीआईजी ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शोभायात्राओं में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए और संवेदनशील स्थलों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। इसके अतिरिक्त, कस्बों के मुख्य चौराहों पर 24 घंटे पिकेट ड्यूटी लगाने, अतिरिक्त पुलिस बल से नियमित चेकिंग कराने और स्नैचिंग जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए यातायात पुलिस को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।

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