गाजीपुर के कलेक्टर घाट पर सोमवार को निषाद राज जयंती मनाई गई। यह आयोजन चैत्र नवरात्र की पंचमी तिथि पर किया गया, जिसे निषाद समाज के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, निषाद राज (केवट) ने भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण को गंगा पार कराया था। उनकी मित्रता को सेवा, समर्पण और समानता का प्रतीक माना जाता है। इस कार्यक्रम का आयोजन मिश्रीलाल के नेतृत्व में किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। पहले 3 तस्वीरें देखिए… कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सकीं। विशिष्ट अतिथियों में नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष अरुण सिंह और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल शामिल थे। वक्ताओं ने निषाद राज के जीवन प्रसंगों का स्मरण करते हुए समाज में उनके आदर्शों को अपनाने पर जोर दिया। अतिथियों ने इस आयोजन को सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। सरिता अग्रवाल ने कलेक्टर घाट पर पहली बार आयोजित इस पहल की सराहना की और भविष्य में इसे और भव्य बनाने की बात कही। अन्य वक्ताओं ने निषाद समाज की एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने पर बल दिया। निषाद राज की जयंती धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता, सेवा भावना और मित्रता के आदर्शों का भी प्रतीक है, जो वर्तमान समाज के लिए प्रेरणादायक हैं।

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