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सीएम योगी ने की लखनऊ–कानपुर–आगरा मेट्रो की समीक्षा:आय के नए स्रोत खोजें, टीओडी से बढ़ाए राजस्व

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को लखनऊ में प्रदेश की मेट्रो परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आय के नए स्रोत खोजने के साथ ही टीओडी से राजस्व बढ़ाने का निर्देश दिए। सीएम ने मेट्रो परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। कहा कि उत्तर प्रदेश को आधुनिक शहरी परिवहन में देश का लीडर राज्य बनाना प्राथमिकता होनी चाहिए। सीएम योगी ने मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन और संबंधित विभागों के बीच नियमित समन्वय बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेट्रो परियोजनाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए आय के नए स्रोत विकसित किए जाएं। स्टेशनों पर मल्टीलेवल पार्किंग, रिटेल आउटलेट, फूड कोर्ट, ऑफिस स्पेस, विज्ञापन और डिजिटल ब्रांडिंग के अवसर बढ़ाए जाएं। ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) से राजस्व बढ़ाने, भूमि मूल्य संवर्धन और निजी क्षेत्र की भागीदारी पर विशेष फोकस रहेगा, ताकि मेट्रो परियोजनाएं दीर्घकाल में आत्मनिर्भर बन सकें। मल्टी- कनेक्टिविटी और लास्ट माइल पर जोर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मेट्रो स्टेशनों को सिटी बस, ई-रिक्शा, टैक्सी और ऐप-बेस्ड सेवाओं से जोड़ा जाए। तीनों शहरों (लखनऊ, कानपुर, आगरा) में अतिरिक्त पार्किंग, फीडर रूट और निजी बस सेवाओं के समन्वय पर तेजी से काम हो। इससे यात्रियों को घर से गंतव्य तक निर्बाध यात्रा मिलेगी। लखनऊ मेट्रो का विस्तार तेज, 2030 तक नए कॉरिडोर पूरे लखनऊ मेट्रो का 23 किमी कॉरिडोर पहले से संचालित है। चारबाग से वसंत कुंज (कॉरिडोर-1बी, 11.16 किमी) को 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जिससे पुराने लखनऊ के घनी आबादी वाले इलाकों को आधुनिक कनेक्टिविटी मिलेगी। कानपुर मेट्रो का शेष काम मार्च 2027 तक पूरा करें कानपुर मेट्रो के कुल 32.4 किमी दोनों कॉरिडोर पर काम चल रहा है। लगभग 15 किमी सेक्शन संचालित हो चुका है, शेष कार्य मार्च 2027 तक पूरा करने के निर्देश दिए। आगरा मेट्रो का नया कॉरिडोर जून 2026 तक करें तैयार आगरा मेट्रो की 29.4 किमी परियोजना में प्राथमिक सेक्शन (6.5 किमी) संचालित है। कॉरिडोर-1 को जून 2026 तक और कॉरिडोर-2 को चरणबद्ध रूप से 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य दिया है। यात्री संख्या बढ़ी, गैर-भाड़ा आय 222 करोड़ पहुंची लखनऊ, कानपुर और आगरा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री मेट्रो चुन रहे हैं, जिससे सड़क यातायात का दबाव कम हुआ है। बेहतर प्रबंधन और ऊर्जा दक्ष तकनीकों से लागत नियंत्रित है। वर्ष 2024-25 में गैर-भाड़ा आय (विज्ञापन, रिटेल आदि) 222 करोड़ रुपए की आय हुई है।

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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