बुलंदशहर जनपद के खुर्जा स्थित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में जमीन खरीद-फरोख्त से जुड़े मामलों में लगभग 200 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। इस संबंध में आयकर विभाग की नोएडा और गाजियाबाद की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जमीन की रजिस्ट्री के दौरान आधार और पैन कार्ड का गलत तरीके से इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी की जा रही थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिछले दो वर्षों में लगभग एक हजार बैनामों में गड़बड़ी कर राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया। यह पूरा मामला कानपुर आयकर विभाग द्वारा गड़बड़ी पकड़े जाने के बाद सामने आया। इसके बाद एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। जांच टीम ने अपर आयकर निदेशक नोएडा विजय सिंह के नेतृत्व और आयकर अधिकारी (आईटीओ) सुधीर कुमार के निर्देशन में कार्रवाई को अंजाम दिया। छह सदस्यीय टीम ने खुर्जा सब-रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए और रिकॉर्ड की गहन पड़ताल शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान फर्जीवाड़े की रकम और भी बढ़ सकती है। आयकर विभाग की टीम को आगामी दो माह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जमीन खरीद-फरोख्त में दस्तावेजों से बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की गई। क्रेता और विक्रेताओं के पैन कार्ड में कहीं नंबर बदले गए तो कहीं नाम में हेरफेर किया गया। इसके अलावा, आधार कार्ड में भी नाम और नंबर बदलने के मामले उजागर हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर बैनामों को वैध दिखाया गया और टैक्स चोरी को अंजाम दिया गया। आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की खरीद-फरोख्त की गई है। आशंका है कि इस पूरे फर्जीवाड़े को विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अंजाम दिया गया है।

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