बागपत में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के सदस्यों ने वन विभाग के कार्यालय पर लगभग पांच घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। किसानों ने वन विभाग के अधिकारियों पर स्थानीय लोगों और किसानों के उत्पीड़न का आरोप लगाया। यह प्रदर्शन जिला वन अधिकारी (DFO) के कार्रवाई के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ। धरने पर बैठे किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि वन विभाग का एक दरोगा वन माफिया के साथ साठगांठ कर तानाशाही कर रहा है। उन्होंने कहा कि दरोगा आम लोगों पर झूठे मुकदमे दर्ज कराता है, जिससे किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। किसान नेता प्रताप गुर्जर ने बताया कि यह समस्या काफी समय से चली आ रही है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारी पर्यावरण को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनका कहना था कि पेड़ लगाने के लिए बड़ा बजट आता है, लेकिन पौधे नहीं लगाए जाते और पैसे का बंदरबांट किया जाता है। प्रदर्शन के बाद, जिला वन अधिकारी (DFO) किसानों से बातचीत करने पहुंचे। उन्होंने आश्वासन दिया कि नियम विरुद्ध कार्रवाई करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। DFO ने पौधे लगाने के मामले में भी जांच कराने का भरोसा दिया। DFO के आश्वासन के बाद किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन मामलों में लापरवाही बरती जाती है और कार्रवाई नहीं होती है, तो वे आंदोलन की नई रणनीति बनाएंगे और इसे और तेज करेंगे।

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