नेपाल के कपिलवस्तु जिले में हुई हिंसा के बाद भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इसका असर सोनौली सीमा पर स्पष्ट रूप से देखने को मिला, जहां रविवार को पर्यटक वाहनों की आवाजाही में भारी कमी दर्ज की गई। सामान्य दिनों में प्रतिदिन लगभग 500 पर्यटक वाहन नेपाल की ओर जाते थे, लेकिन घटना के बाद यह संख्या घटकर करीब 200 रह गई। बड़ी संख्या में पर्यटक कपिलवस्तु की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद बीच रास्ते से ही लौट गए। उन्हें आशंका है कि हिंसा का असर नेपाल के अन्य जिलों तक भी फैल सकता है। घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ा दी गई है। नेपाल जाने वाले वाहनों को कस्टम गेट तक ही सीमित रखा गया है और सघन जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है।
सोनौली बाजार में भी दिनभर सन्नाटा पसरा रहा। दुकानों पर ग्राहकों की संख्या में कमी आई, जिससे स्थानीय कारोबार प्रभावित हुआ है। होटल और ट्रैवल व्यवसाय से जुड़े लोगों के अनुसार पर्यटकों की संख्या में अचानक गिरावट से उनका कामकाज प्रभावित हुआ है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बल तैनात किए जाएंगे।
बताया जा रहा है कि कपिलवस्तु के बरगदवा क्षेत्र में धार्मिक विवाद के बाद दूसरे दिन भी तनाव बना हुआ है। आक्रोशित लोगों ने सड़क जाम कर टायर जलाकर प्रदर्शन किया। क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू है और बड़ी संख्या में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल तैनात किए गए हैं। नेपाल पुलिस के अनुसार इस हिंसा में कुल 23 लोग घायल हुए हैं, जिनमें पुलिस और सशस्त्र बल के जवान भी शामिल हैं। चार लोगों को गोली लगी है, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

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