आगरा नगर निगम सदन में हुई पार्षदों की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। भाजपा-बसपा पार्षदों के बीच नोकझोंक हुई लेकिन बैठक में नगर निगम अधिकारियों के न आने पर दोनों दलों के पार्षद एकजुट दिखाई दिए। बैठक में नगर निगम का कर्मचारी तक उपस्थित नहीं था। इस पर भाजपा पार्षद शरद चौहान चाय न मिलने पर भड़क गए। सदन के बीच में बैठक शरद चौहान उठकर खड़े हो गए। बोले…ये पार्षदों का अपमान है। मेयर सहित सभी पार्षद मौजूद हैं लेकिन नगर निगम में कोई चाय तक पूछने वाला नहीं है। विस्तार से पढ़िये क्या था मामला… मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह और नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के बीच चल रही खींचतान के बीच सोमवार को मेयर ने नगर निगम सदन में पार्षदों की बैठक बुलाई। इसमें नगर निगम के अधिकारी नहीं पहुंचे। इसको लेकर पार्षदों में रोष था। वे मेयर का समर्थन करते हुए अधिकारियों के खिलाफ आक्रोश में थे। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल तो दूर नगर निगम का कर्मचारी तक बैठक में नहीं पहुंचा। इसको लेकर पार्षदों के आक्रोश का पारा सातवें आसमान पर था। पार्षद का फूटा आक्रोश बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई थी। दोपहर लगभग 1 बजे तक अधिकारियों के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पर चर्चा होती रही। इस बीच भाजपा पार्षद शरद चौहान उठे और माइक संभालते हुए बोले-इससे ज्यादा अपमान नहीं हो सकता कि अधिकारी तो दूर कर्मचारी तक कुछ पूछने नहीं आया। जबकि बैठक में मेयर मौजूद हैं। उन्होंने कहा-किसी ने चाय तक नहीं पूछी। इस बीच वे काफी आक्रोश में दिखे। बाद में दूसरे पार्षदों ने उन्हें शांत कराया। मेयर ने भी पार्षदों के सामने रखी व्यथा बैठक की शुरुआत में मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाह ने अपनी व्यथा रखी। पार्षदों को संबोधित करते हुए कहा-3 साल से समय पर न सदन की कार्यवाही हो रही है और न ही कार्यकारिणी की बैठक। इससे क्षेत्र की जनसमस्याओं पर चर्चा ही नहीं हो पा रही। नगर आयुक्त अंकित खंडेलवाल के पास जब भी सदन के संबंध में कोई लेटर जाता है तो वे एक तो सूचना देर करते हैं। या फिर अब तक ऐसा होता है कि जिस दिन सदन या कार्यकारणी होती है, उससे एक दिन पहले शाम को आते हैं और मना करके जाते हैं। अभी ये सदन नहीं है, क्योंकि जब यहां अधिकारी ही नहीं है तो ये सदन चल ही नहीं सकता। इसलिए नहीं पहुंचे अधिकारी बताया गया कि नगर निगम की ओर से सदन की बैठक नहीं है। नगर निगम के अधिकारी उस शासनादेश का हवाला देते हुए कह रहे हैं, जिसमें लोकसभा या विधानसभा की कार्यवाही के दौरान नगर निगम सदन आयोजित न करने की बात कही गई है।
सोमवार को आगरा में उत्तर प्रदेश विधानमंडल की सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संयुक्त समिति (2025-26) की बैठक प्रस्तावित है। इस उच्चस्तरीय बैठक में जनपद के कई अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य है। इसके चलते बैठक नहीं रखी गई।

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