मेरठ में आशा कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन आशा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष निरमेश त्यागी के नेतृत्व में किया गया। कार्यकर्ताओं ने कार्यमुक्त की गई 17 आशा बहुओं को पुनः बहाल करने की मांग की। आशा कार्यकर्ताओं ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि 2006 में जब उनकी नियुक्ति हुई थी, तब उन्हें इस संबंध में सूचित नहीं किया गया था कि सरकारी अस्पताल में प्रसव न कराने पर उन्हें कार्यमुक्त किया जाएगा। उनका मुख्य कार्य गर्भवती महिलाओं की देखभाल और संपूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करना था। कार्यकर्ताओं ने बताया कि वे आठवीं कक्षा तक पढ़ी-लिखी हैं और बिना किसी विशेष प्रशिक्षण के स्मार्टफोन के माध्यम से कई अतिरिक्त कार्य करती हैं। इनमें बीएलओ का कार्य, टीबी के मरीजों की पहचान, आयुष्मान भारत कार्ड बनवाना और आभा आईडी बनाना शामिल है। उन्होंने भारत को पोलियो मुक्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और विभाग से हटकर भी शासन-प्रशासन के अन्य कार्य बिना किसी अतिरिक्त मानदेय के करती आ रही हैं। आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें कार्यमुक्त करना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि मेरठ जनपद की 17 कार्यमुक्त आशा बहुओं को पुनः कार्यरत किया जाए।

Leave a Reply