उन्नाव के मगरवारा स्थित एजी फार्म हाउस में सवर्ण समाज द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज के लोगों ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। कार्यक्रम में जिले के कई प्रभावशाली और प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित रहे। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर भी गंभीर चर्चा हुई। इसमें यूजीसी बिल का मुद्दा प्रमुख रहा, जिस पर वक्ताओं ने चिंता व्यक्त करते हुए इसे समाज और भावी पीढ़ियों से संबंधित बताया। इस अवसर पर सवर्ण समाज के नाम से एक बड़े समूह के गठन की भी घोषणा की गई, जिसका उद्देश्य समाज की आवाज को संगठित रूप से उठाना है। सवर्ण समाज मंच के अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने अपने संबोधन में कहा कि एक ओर सनातन संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने की बात होती है, वहीं दूसरी ओर उसी समाज के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने समाज से एकजुट होकर अपने अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया। शुक्ला ने इस कार्यक्रम को सामाजिक जागरूकता और संवाद का मंच बताया। इलाहाबाद हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता ओपी तिवारी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज को बांटने वाली राजनीति भविष्य के लिए हानिकारक है। उन्होंने टिप्पणी की कि एक ओर ‘बांटोगे तो कटोगे’ जैसे नारे दिए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर समाज को विभिन्न वर्गों में बांटा जा रहा है। उन्होंने इसे भावी पीढ़ी का सवाल बताते हुए ‘आर-पार की लड़ाई’ का समय आने की बात कही। उपस्थित लोगों ने उनके वक्तव्य का समर्थन किया। होली मिलन समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर पर्व की शुभकामनाएं दीं। आयोजकों ने इस आयोजन को सामाजिक समरसता, संवाद और संगठन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम का समापन शांतिपूर्ण वातावरण में हुआ, जिसमें वक्ताओं ने समाज के लोगों से एकजुट रहने और सामाजिक मुद्दों पर जागरूक रहने का आह्वान किया।

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