उत्तराखंड में सात महीने पहले आई आपदा के दौरान लापता हुए हाथरस के मुरसान कोतवाली क्षेत्र के गांव करील निवासी अग्निवीर सचिन पौनियां को सोमवार को शहीद का दर्जा दिया गया। हाथरस के मुरसान क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव करील में बटालियन ने उन्हें सलामी दी और श्रद्धांजलि अर्पित की। 23 वर्षीय सचिन पौनियां 5 अगस्त को उत्तराखंड के धराली में आई आपदा के बाद से लापता थे। वह 30 अक्टूबर 2023 को अग्निवीर के रूप में सेना में भर्ती हुए थे। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, उनकी पहली तैनाती 19 जून को उत्तरकाशी के धराली स्थित हर्षिल घाटी में हुई थी। 4 अगस्त 2023 को उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों से फोन पर बात की थी, जिसके एक दिन बाद बादल फटने की घटना हुई। बादल फटने के बाद बचाव कार्य के लिए सचिन सहित 11 जवानों को भेजा गया था। इस दौरान एक सैनिक का क्षत-विक्षत शव मिला था। शव की पहचान के लिए परिजनों को उत्तरकाशी बुलाया गया और डीएनए टेस्ट भी कराया गया, लेकिन यह शव सचिन का नहीं निकला। उत्तराखंड प्रशासन ने अग्निवीर सचिन पौनियां को मृत घोषित किया था। हाथरस के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सदर राजबहादुर ने बताया कि 5 अगस्त को उत्तरकाशी के गांव हर्षिल के तेलगाय गदेरे में आई बाढ़ की घटना के बाद लापता हुए 14वीं बटालियन दी राजपूताना राइफल्स के अग्निवीर सचिन पौनियां को एसडीएम, मटवाडी, उत्तरकाशी के पत्र के माध्यम से 18 दिसंबर को अनंतिम रूप से मृत घोषित किया गया था। अब उन्हें शहीद का दर्जा दिया गया है। पूरा क्षेत्र श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़ा… आज सोमवार को सचिन की सेना की टुकड़ी उनके गांव पहुंची और उन्हें शोक श्रद्धांजलि दी। उनके चित्र के समक्ष शोक शस्त्र की रस्म अदा की गई। उपजिलाधिकारी सदर राजबहादुर ने भी उनके चित्र पर माल्यार्पण किया। इस दौरान पूरा क्षेत्र उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उमड़ पड़ा।

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