उत्तर रेलवे के सुल्तानपुर जंक्शन पर सोमवार को रेलवे कर्मचारी संगठनों ने एक बैठक और प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इसमें कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली और निजीकरण सहित अपनी लंबित मांगों पर चर्चा की। बैठक में उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन शाखा सुल्तानपुर के केंद्रीय उपाध्यक्ष जगदम्बा तिवारी, मंडल मंत्री अवधेश दूबे और कार्यकारी अध्यक्ष पीयूष निगम उपस्थित थे। शाखा मंत्री पंकज दूबे और अध्यक्ष बृजेश यादव ने इस कार्यक्रम का नेतृत्व किया। इसी कार्यक्रम के दौरान शाखा सुल्तानपुर का त्रैवार्षिक चुनाव भी संपन्न हुआ। पर्यवेक्षकों ने आय-व्यय और सदस्यता संबंधी जानकारी ली, साथ ही ग्यारह नए सदस्यों को यूनियन की सदस्यता दिलाई गई। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना को बहाल करना शामिल है। केंद्रीय उपाध्यक्ष जगदम्बा तिवारी ने कहा कि नई पेंशन योजना कर्मचारियों के भविष्य के लिए सुरक्षित नहीं है। कर्मचारियों ने रेलवे के विभिन्न विभागों और सेवाओं के निजीकरण के प्रयासों पर भी आपत्ति जताई। उनका तर्क है कि इससे कर्मचारियों को नुकसान होगा और आम जनता के लिए रेल सेवाएं महंगी तथा असुरक्षित हो सकती हैं। विभाग में खाली पड़े पदों को न भरने और पुराने पदों को ‘सरेंडर’ करने की नीति पर भी कर्मचारियों ने चिंता व्यक्त की। उनका मानना है कि इससे मौजूदा स्टाफ पर काम का बोझ बढ़ रहा है। बैठक में रेलवे ट्रैक मैन और अन्य फील्ड कर्मचारियों की सुरक्षा तथा उनके काम के घंटों को लेकर भी चर्चा की गई। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक विचार नहीं करती है, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने भविष्य में ‘चक्का जाम’ या राष्ट्रव्यापी हड़ताल जैसी कार्रवाई की संभावना जताई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पुरानी पेंशन योजना उनका अधिकार है और वे इसे प्राप्त करके रहेंगे।

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