लखनऊ के अमीनाबाद के जनाना पार्क में ईद मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बज्म-ए- ख्वातीन के द्वारा इस साल 92वां ईद मिलन समारोह किया गया। इस अवसर पर संगठन की अध्यक्ष शहनाज सिदरत समेत बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया और आपसी भाईचारे का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरुआत बज्म-ए- ख्वातीन के गीत से हुई। मुख्य अतिथि के रूप में माहेश्वरी महिला मंडल की अध्यक्ष किरण ने हिस्सा लिया। महिला सशक्तिकरण जरूरी कार्यक्रम की अध्यक्ष शहनाज सिदरत ने कहा कि समाज में एकता और भाईचारा स्थापित रखने के लिए होली और ईद जैसे पर्व पर मिलन समारोह जरूरी है। यह त्यौहार समाज में एकता का रंग घोलते हैं। संगठन के द्वारा आज महिलाओं पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। मौजूदा समय में महिलाएं खेल से लेकर आकाश तक अपना परचम लहरा रही हैं। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि उनकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। इस लिए हमारा संगठन महिलाओं हुनर और उनके हिम्मत को बढ़ावा दे रहा है। महिलाओं को वास्तविक अधिकार मिले शहनाज ने कहा कि घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं दर-दर की ठोकर खाती है। कोई सहयोग करने वाला नहीं। सरकार, अफसरशाही और संसद में उनकी संख्या अभी भी बहुत कम है। राजनीतिक दल अपने मंचों पर नारों और वादों की बात करते हैं। महिलाओं को वास्तविक सुरक्षा और अधिकार देने में असफल हैं। समाज में एकता जरूरी मुख्य अतिथि किरण ने कहा महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई सब को मिलकर लड़ना चाहिए । धर्म लड़कियों से मोहब्बत और सम्मान का पैगाम देता है। बेटियों से ही परिवार आगे बढ़ता बेटियों इस समाज का ताज हैं। हमें लड़के और लड़कियों के बीच किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। बेटियों को उनकी विरासत में पूरा अधिकार देना चाहिए। शादी के बाद भी बेटी का अधिकार खत्म नहीं होता। त्योहार मिल जुलकर मनाना चाहिए समाज में एकता बनी रहनी चाहिए।

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