हाथरस में एक महिला प्रधान ने अपने पति सहित अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज कराए गए देह व्यापार के आरोपों से यू-टर्न ले लिया है। नगला इमलिया गांव की प्रधान शालिनी सिंह ने अब पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत वापस लेने का अनुरोध किया है। नाबालिग लड़कियों का अपहरण दो दिन पहले, शालिनी सिंह ने हाथरस कोतवाली सदर में अपने पति मोना ठाकुर, गणपति अस्पताल की मालकिन पारुल शर्मा और उनके साथियों पर नाबालिग लड़कियों का अपहरण कर उनसे देह व्यापार कराने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। प्रधान ने अपनी शिकायत में यह भी कहा था कि वह उनके अवैध कार्य में बाधा बन रही थी, जिसके कारण उसे फोन पर धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने 16 मार्च को पति द्वारा उन्हें और उनकी बेटी को जहर खिलवाने का भी आरोप लगाया था, जिसमें वे बाल-बाल बची थीं। संबंधित धाराओं में मुकदमा शालिनी सिंह ने भविष्य में अपनी हत्या की आशंका भी जताई थी, जिसके बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। अब महिला प्रधान अपने सभी आरोपों से मुकर गई हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि उन्होंने विरोधियों के बुने जाल में फंसकर और गुस्से व आवेश में आकर अपने पति मोना ठाकुर के खिलाफ तहरीर दी थी। शालिनी सिंह ने स्पष्ट किया कि न तो उन्हें या उनकी बेटी को किसी ने जहर दिया था और न ही इस संबंध में कोई चिकित्सकीय परीक्षण हुआ था। उन्होंने बताया कि उन्होंने बहकावे में आकर और मानसिक असंतुलन की स्थिति में अपने पति को बुलाने के लिए ही यह तहरीर दी थी। वास्तविकता की जानकारी अस्पताल जाना भी पति को बुलाने का एक प्रयास मात्र था। उन्होंने कहा कि अब उन्हें यथार्थ और वास्तविकता की जानकारी हो गई है। उनके पति विगत कई वर्षों से सामाजिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। प्रधान ने विरोधियों की चाल और षड्यंत्र को समझने में हुई भूल स्वीकार करते हुए अपनी रिपोर्ट पर कोई अग्रिम कार्यवाही न करने का अनुरोध किया है। ताकि उनका परिवार और बच्चों का भविष्य बर्बाद होने से बच सके। पुलिस अधिकारियों ने उसे उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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