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मथुरा में फरसा वाले बाबा की मौत-हिंसा में 4 FIR:19 आरोपियों को जेल भेजा गया; जानिए कितनी हो सकती है सजा

मथुरा में फरसा वाले बाबा की मौत के बाद भड़की हिंसा को लेकर पुलिस सख्त है। इस मामले में तीन थानों में अब तक 4 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। 21 मार्च को हुई हिंसा में अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इन पर अफवाह फैलाकर हिंसा कराने का आरोप है। गिरफ्तार किए गए लोगों में गाजियाबाद के हिंदू रक्षा दल के दक्ष चौधरी और उनके सहयोगी भी शामिल हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जो आरोपी बनाए गए हैं, उन पर क्या कार्रवाई हो सकती है? कहां-कहां एफआईआर दर्ज हुईं? FIR में क्या है? मथुरा में अब माहौल कैसा है? सिलसिलेवार जानिए हर सवाल का जवाब… पहली FIR…छाता कोतवाली प्रभारी ने कराई, 300 पर केस पहली FIR थाना छाता में कोतवाली प्रभारी कमलेश सिंह ने दर्ज कराई है। उन्होंने 22 लोगों को नामजद करते हुए 300 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस की एफआईआर में गौरव उर्फ भूरा, नरेश, हिमांशु, पवन, कपिल शर्मा, धर्मेंद्र, विष्णु, अनुज, शनि, केशव, पवन, अरुण, अमन, सुभाष, सीताराम, भोला पंडित, योगेश, मुकेश गोस्वामी, महेश चौधरी, वीरेंद्र, हरिओम लाहौर के अलावा निहाल सिंह के नाम शामिल हैं। दूसरी FIR…विहिप के प्रांतीय अध्यक्ष ने दर्ज कराई थाना छाता में विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल ने भी FIR दर्ज कराई है। कन्हैया लाल का कहना है कि वह कोसी अध्यक्ष रणवीर सिंह और महानगर मंत्री नितिन चौधरी के साथ आक्रोशित लोगों को समझाने गए थे। समझाने के बाद गो-सेवक और गांववाले मांगें मान लिए जाने से संतुष्ट होकर जाम खोल रहे थे। इसी दौरान कुछ विधर्मी और गोतस्करों के समर्थकों ने पुलिस और गोरक्षकों पर पथराव कर दिया। इससे माहौल खराब हुआ। तीसरी FIR…फरसा बाबा के शिष्य ने दर्ज कराई तीसरी FIR फरसा वाले बाबा के शिष्य हरिओम ने कोसी थाने में दर्ज कराई है। हरिओम ने उस दिन की पूरी घटना का जिक्र किया है। हरिओम का कहना है कि गोतस्करी की सूचना पर बाबा अपने सहयोगियों के साथ पशुपति फैक्ट्री के आगे नवीपुर गांव के पास NH-19 पर कंटेनर NL 01 q 3772 चेक कर रहे थे। इसमें गोवंश होने की सूचना थी। हरिओम ने बताया- मैं और बाबा पीछे जाकर देख रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे ट्रक (RJ 02 GC 9077) के चालक खुर्शीद खां ने तेजी से कंटेनर में टक्कर मार दी। बाबा को टक्कर लगी, जिससे उनकी मौत हो गई। चौथी FIR…हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस चौथी FIR थाना बरसाना में SI मदन सिंह ने दर्ज कराई है। आरोप है कि हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता दक्ष चौधरी, अक्कू पंडित, सचिन, रितेशपाल और डॉ. प्रकाश सिंह ने बाबा के अंतिम संस्कार के बाद गोशाला से छाता की तरफ जाम लगा दिया था। दक्ष और उनके साथियों ने पुलिस से गाली-गलौज की। जान से मारने की धमकी देने के साथ पथराव कर माहौल खराब करने की कोशिश की। साढ़े 3 घंटे तक चला था बवाल 21 मार्च (शनिवार) को करीब साढ़े 3 घंटे तक नेशनल हाईवे पर अराजकता और उपद्रव का माहौल रहा था। इस दौरान पथराव और फायरिंग भी की गई थी। हाईवे पर फैले पत्थर और पुलिस को मिले 315 और 312 बोर तमंचों के खाली कारतूस इस बात की गवाही दे रहे हैं। अब जानिए पूरा मामला क्या है? 21 मार्च (शनिवार) को मथुरा में ‘फरसा वाले बाबा’ की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई थी। हादसे के बाद एक वीडियो सामने आया, जिसमें बाबा जमीन पर पड़े दिखाई दे रहे। उनके पास म्यान और तलवार भी पड़ी थी। वहीं, राजस्थान नंबर वाले ट्रक का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त नजर दिख रहा। इस हादसे में ट्रक चालक खुर्शीद (राजस्थान के अलवर का रहने वाला) भी गंभीर रूप से घायल हुआ था। आगरा में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। बाबा की मौत की खबर फैलते ही इलाके में तनाव बढ़ गया था। हजारों लोग मथुरा के छाता कस्बे में हाईवे पर पहुंच गए थे। गुस्साए लोगों ने बाबा का शव सड़क पर रखकर दिल्ली-कोलकाता हाईवे जाम कर दिया था। वे लोग आरोपियों का एनकाउंटर करने की मांग करने लगे थे। मौके पर पहुंची पुलिस जब जाम खुलवाने की कोशिश करने लगी, तो भीड़ ने विरोध कर दिया था। भीड़ के पथराव में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। साथ ही भीड़ ने सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर उनके शीशे भी तोड़ दिए थे। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे थे। इसके बाद लोग बाबा का शव लेकर उनके गांव आजनौंख स्थित गोशाला पहुंच गए थे। वहां प्रशासन के सामने 6 मांगें रखीं, जिनमें स्मारक बनाने की मांग भी शामिल थी। प्रशासन ने आश्वासन दिया कि दाह संस्कार स्थल पर समाधि बनाई जाएगी। इसके बाद बाबा का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। भीड़ के पथराव में 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए थे
बवाल के दौरान हुए पथराव से छाता कोतवाली प्रभारी कमलेश सिंह, शहर कोतवाली प्रभारी विनोद मिश्रा, शेरगढ़ थाना प्रभारी प्रदीप कुमार,गोविंद नगर थाना प्रभारी रवि त्यागी, जैंत थाना प्रभारी उमेश त्रिपाठी, इंस्पेक्टर विजेंद्र राणा को गंभीर चोट आई थी। इनके अलावा रजनीश कुमार, उमेश कुमार समेत अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। उपद्रवियों ने एसपी देहात, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, SDM, पुलिस की टाटा सूमो, सीओ छाता, थाना गोविंद नगर, सेही चौकी की गाड़ी के अलावा अन्य कई गाड़ियों को भी तोड़ दिया था। मामला इतना गंभीर था कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश देने पड़े थे। पुलिस सीसीटीवी से कर रही आरोपियों की पहचान
मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार ने 22 मार्च (रविवार) को कहा कि पुलिस ने उन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिन्होंने शनिवार सुबह छाता इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया था। साथ ही पथराव भी किया था। घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे, पुलिस की गाड़ियों को नुकसान पहुंचा था। उन्होंने कहा कि पुलिस CCTV फुटेज का इस्तेमाल कर हिंसा में शामिल असामाजिक तत्वों की पहचान कर रही है। ज्यादातर प्रदर्शनकारी या असामाजिक तत्व मथुरा के बाहर के थे। वहीं, मथुरा के जिलाधिकारी सीपी सिंह ने कहा कि बरसाना इलाके में बाबा की गोशाला की देख-रेख और संचालन अब जिला प्रशासन करेगा। एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत का कहना है कि हालात पूरी तरह से सामान्य हैं। जानिए फरसा वाले बाबा कौन थे चंद्रशेखर उर्फ फरसा वाले बाबा का घर मथुरा के छाता क्षेत्र में बरसाना रोड पर स्थित आजनौंख गांव में है। वह कई साल से गोसेवा में लगे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, फरसा वाले बाबा पूरी तरह से गायों की सेवा के लिए समर्पित थे। शुरुआत में जब भी बरसाना क्षेत्र में गायों से जुड़ी कोई समस्या होती, लोग सीधे बाबा से संपर्क करते थे। धीरे-धीरे वह गायों की मदद करते हुए पूरे इलाके में प्रसिद्ध हो गए थे। गोसेवा को ही अपना जीवन मानने वाले बाबा का गो-तस्करों में इतना खौफ था कि जैसे ही उन्हें बाबा के पहुंचने की खबर मिलती, वे अवैध रूप से ले जाए जा रहे गोवंश को छोड़कर भाग जाते थे। ——————— ये खबर भी पढ़ें… शिष्य बोले- फरसा बाबा को कुचलकर मारा गया, गोवंश नहीं थे तो पुलिस कंटेनर क्यों छिपा रही, हमें CCTV दिखाए मथुरा में फरसा वाले बाबा उर्फ चंद्रशेखर सिंह (45) की मौत हादसा है या हत्या…इसकी गुत्थी उलझती जा रही है। बाबा के समर्थक इसे हत्या बता रहे, जबकि पुलिस हादसा बता रही है। पुलिस की थ्योरी है कि बाबा नागालैंड नंबर के कंटेनर को चेक कर रहे थे, तभी पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर के ट्रक ने कंटेनर को टक्कर मार दी। चपेट में आने से बाबा की मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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