बहराइच में सरयू नदी पुनरोद्धार समिति ने नदी की सफाई, घाटों के सौंदर्यीकरण और झिंगहाघाट का नाम बदलकर सरयू घाट करने का संकल्प लिया। इस संबंध में एक संकल्प सभा का आयोजन किया गया। समिति के संयोजक धनंजय सिंह ने कार्यक्रम का संचालन किया। मुख्य अतिथि स्वामी विष्णु देवाचार्य महाराज के नेतृत्व में उपस्थित लोगों ने सरयू की आरती उतारी और नदी को स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने बताया कि सरयू नदी के तट पर विभिन्न पर्वों और त्योहारों पर मेले लगते हैं, जहां लाखों श्रद्धालु आते हैं। पिछले कई वर्षों से नदी की साफ-सफाई और निर्बाध जल बहाव के लिए कोई कार्य नहीं हुआ है। इसके कारण नदी में जगह-जगह सिल्ट जमा हो गई है, जिससे जल प्रवाह बाधित हो रहा है। नगर के नालों का दूषित पानी बिना सीवर ट्रीटमेंट प्लांट के सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे सरयू नदी पूरी तरह प्रदूषित हो गई है। नदी का अधिकांश हिस्सा सिल्ट और जलकुंभी से भर गया है, जिसके परिणामस्वरूप इसका बहाव रुक गया है और नदी नाले में बदल गई है। नदी में बहाव न होने के कारण आसपास की कृषि योग्य भूमि वर्षाकाल में जलमग्न रहती है, जिससे किसानों की फसलें गंभीर रूप से प्रभावित होती हैं। इस अवसर पर अरविंद सिंह सेंगर, अजय, धर्मेंद्र सिंह, अतुल गौड़, विपिन, अनिल वर्मा, रंजीता बाल्मीकि, आयुष जायसवाल, पिंटू मौर्या, सुनील केवट, कमलेश यादव, अवधेश वर्मा, सौरभ जैन, सुनीता, रमेश पाठक, उत्तम सिंह, मनोज मिर्ची, संजय जायसवाल, विवेक सिंह, विनोद सिंह, सूर्य प्रताप सिंह, शशांक श्रीवास्तव, धनंजय शर्मा, निशा शर्मा, के.के. मिश्रा और शांति पांडे एडवोकेट सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे।

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