चित्रकूट में दीनदयाल शोध संस्थान के शैक्षणिक प्रकल्पों की वार्षिक कार्ययोजना बैठक संपन्न हुई। उद्यमिता विद्यापीठ के सभागार में आयोजित इस बैठक में आगामी सत्र की योजनाओं पर चर्चा की गई। बैठक में सुरेंद्रपाल ग्रामोदय विद्यालय, रामनाथ आश्रम शाला, कृष्णा देवी वनवासी बालिका विद्यालय मझगवां और परमानंद आश्रम पद्धति विद्यालय गनीवां के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने अपने शैक्षणिक सत्र की वार्षिक कार्ययोजना प्रस्तुत की। इस अवसर पर सतना के जिला शिक्षा अधिकारी गिरीश अग्निहोत्री, रीवा के पूर्व संयुक्त संचालक केपी तिवारी और दीनदयाल शोध संस्थान के राष्ट्रीय संगठन सचिव अभय महाजन उपस्थित रहे। संस्थान के सचिव अपराजित शुक्ला, पूर्व प्राचार्य श्रीधर त्रिपाठी, केके बाजपेई और डीआरआई के महाप्रबंधक डॉ. अनिल जायसवाल भी मौजूद थे। जिला शिक्षा अधिकारी गिरीश अग्निहोत्री ने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सशक्त माध्यम बताते हुए नवाचार, अनुशासन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर जोर दिया। संगठन सचिव अभय महाजन ने शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला कहकर उनका उत्साहवर्धन किया। पूर्व संयुक्त संचालक कमलेश्वर प्रसाद तिवारी ने छात्रों और शिक्षकों को व्यावसायिक शिक्षा तथा राष्ट्रीय शिक्षा पर अधिक ध्यान देने की प्रेरणा दी। उन्होंने माइक्रो प्लानिंग और शिक्षण संस्थाओं में नवाचारों के प्रयोग को आवश्यक बताया। यह बैठक आगामी शैक्षिक सत्र की दिशा तय करने के साथ-साथ शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के संकल्प को भी मजबूत करने वाली सिद्ध हुई। कार्यक्रम का संचालन सुरेंद्र पाल ग्रामोदय विद्यालय के व्याख्याता अशोक कुमार दीक्षित ने किया, जबकि संयोजन शैक्षणिक अनुसंधान केंद्र के प्रभारी कालिका प्रसाद श्रीवास्तव ने किया। अंत में सुरेंद्रपाल विद्यालय के प्राचार्य जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस कार्ययोजना बैठक में कुल 200 शिक्षकों ने भाग लिया।

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