बस्ती जिले में कमर्शियल गैस की भारी कमी ने होटल और ढाबा कारोबार को गंभीर संकट में डाल दिया है। स्थिति यह है कि हाईवे किनारे संचालित लगभग 90 प्रतिशत ढाबे बंद हो चुके हैं और उनके बाहर ताले लटक रहे हैं। ढाबा संचालकों के अनुसार, पिछले कई दिनों से कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, जिससे खाना बनाना असंभव हो गया है। इस मजबूरी के चलते अधिकांश ढाबों को बंद करना पड़ा है। कुछ ढाबे जो अभी भी किसी तरह संचालित हो रहे हैं, वे सीमित संसाधनों के सहारे काम चला रहे हैं और उनका कहना है कि यदि जल्द स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें भी अपने प्रतिष्ठान बंद करने पड़ेंगे। इस संकट का सीधा असर इन ढाबों में काम करने वाले कर्मचारियों पर भी पड़ा है। ढाबा मालिकों के अनुसार, कारोबार ठप होने से आय का स्रोत बंद हो गया है, जिससे कर्मचारियों को वेतन देना मुश्किल हो रहा है। कई कर्मचारी बेरोजगारी के कगार पर पहुंच गए हैं। इस संकट का व्यापक असर ऑनलाइन फूड डिलीवरी व्यवसाय पर भी देखा जा रहा है। स्थानीय संचालकों के मुताबिक, ऑनलाइन ऑर्डर में लगभग 70 प्रतिशत तक की गिरावट आई है, जिससे इस क्षेत्र से जुड़े व्यवसाय भी प्रभावित हुए हैं। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि कमर्शियल गैस की आपूर्ति को तत्काल सुचारु किया जाए, ताकि बंद पड़े ढाबे दोबारा खुल सकें और लोगों की आजीविका बहाल हो सके। अन्यथा, यह संकट और गहराने की आशंका है।

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