जौनपुर में विश्व हिंदू महासंघ की जिला इकाई ने सोमवार को शहर के एक प्रमुख चौक का नाम ‘वंदे मातरम् चौक’ रखने की मांग की है। यह मांग वंदे मातरम् गीत की 151वीं वर्षगांठ और शहीद भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरु के 95वें शहादत दिवस के अवसर पर की गई। इस संबंध में जिलाधिकारी को एक पत्र सौंपा गया है। महासंघ ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप है, जो सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के समर्थक हैं। पत्र में मुख्यमंत्री के विचारों का हवाला देते हुए कहा गया कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। संगठन के अनुसार, ‘वंदे मातरम्’ ने स्वतंत्रता सेनानियों के मन में ऐसी ऊर्जा भरी कि वे हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिए। महासंघ का मानना है कि आज भी इस उद्घोष से देशवासियों में अद्भुत ऊर्जा, देशभक्ति और समर्पण का भाव पैदा होता है। महासंघ ने तर्क दिया कि यदि कोई देशी या विदेशी शक्ति भारत की संप्रभुता को चुनौती देती है, तो ‘वंदे मातरम् चौक’ से ‘भारत माता की जय’ का ऐसा शंखनाद होगा कि शत्रु को कहीं ठिकाना नहीं मिलेगा। इसलिए हर जिले में ‘वंदे मातरम् चौक’ आवश्यक है। विश्व हिंदू महासंघ की जिला इकाई ने जिलाधिकारी से आग्रह किया है कि वे शहर के एक व्यस्ततम चौक को ‘वंदे मातरम् चौक’ घोषित करें। महासंघ ने यह भी कहा कि वे घोषित चौक को जिले के शहीदों के चित्र, तिरंगा ध्वज, यातायात संकेत, भारत माता के चित्र और ‘वंदे मातरम्’ गीत की पट्टिका से सजाएंगे। यह निवेदन जिला अध्यक्ष अमित शास्त्री द्वारा किया गया है।

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