यूपी में एक हफ्ते से बारिश का दौर जारी है। सोमवार सुबह से नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, बरेली समेत 10 जिलों में हल्की बारिश हो रही है। संभल में आंधी के साथ तेज बारिश हुई। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 20 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें ज्यादातर पश्चिम यूपी के हैं। वहीं, पूर्वांचल के जिलों में मौसम साफ है, हल्की धूप निकली है। मौसम विभाग का कहना है कि आज पश्चिमी यूपी में दिनभर मौसम बिगड़ा रहेगा। रुक-रुक कर बारिश होगी। कल यानी मंगलवार से मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। तापमान 4 से 7°C तक बढ़ेगा। हालांकि, 26 मार्च से एक और पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा। इससे 3-4 दिन तक पूरे प्रदेश में बारिश का दौर फिर से शुरू होगा। पिछले 24 घंटे की बात करें तो बाराबंकी-महाराजगंज समेत 10 जिलों में हल्की बारिश हुई। सबसे अधिक तापमान लखीमपुर खीरी में 33 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। कानपुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 13.7°C रिकॉर्ड किया गया। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया- पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिम यूपी में आज बादल छाए हैं। रुक-रुक कर बारिश हो रही है। अगले 2-3 दिन मौसम साफ रहेगा। तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा। हालांकि, 26 मार्च से पूरे प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू होगा। पश्चिमी यूपी में बारिश की तस्वीरें देखिए- पश्चिम यूपी में कहां, कैसा मौसम है, जानिए पूर्वी यूपी में मौसम का हाल जानिए- अब तस्वीरें देखिए- अगले 3 दिन कैसा रहेगा मौसम? सरकार बोली- फसल गिरी तो किसान बीमा क्लेम कर सकते हैं
बारिश से जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उनके लिए राहत की खबर है। सरकार के मुताबिक, कटाई के 14 दिनों के भीतर अगर फसल खराब होती है तो किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा क्लेम कर सकते हैं। जिला प्रशासन प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान का सर्वे कर रिपोर्ट देगा, जिसके आधार पर यूपी सरकार मुआवजा देने का फैसला कर सकती है। आंधी से गेहूं, अरहर की फसल को नुकसान, कैसे करें बचाव
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और तेज हवा का असर रबी, जायद और बागवानी फसलों पर पड़ा है। इस समय अरहर, सरसों, चना, मटर, मूंग और मूंगफली में फलियां बन रही हैं और दाने भर रहे हैं। तेज हवा चलने से फलियां फट सकती हैं और दाने झड़ सकते हैं। गेहूं की फसल भी तेज हवा से गिर सकती है, जिससे पैदावार कम होने का खतरा है। सब्जियों में भिंडी, टमाटर, लौकी, खीरा, तरबूज, खरबूजा, बैंगन और मिर्च के फूल और छोटे फल गिर सकते हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि जो फसल पक चुकी है, उसकी तुरंत कटाई कर लें और सुरक्षित जगह पर रखें। खेतों में पानी जमा न होने दें, इसके लिए जल निकास की सही व्यवस्था करें।
—————————– ये खबर भी पढ़िए- बारिश से 40 करोड़ की अफीम फसल बर्बाद: UP के 25 जिलों में गेहूं-सरसों खेतों में गिर गईं; किसान बोले- हम बर्बाद हो गए यूपी में बेमौसम आंधी- बारिश और ओले से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। गेहूं, सरसों और अफीम की फसल खेतों में गिर गईं। राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी में 40 करोड़ से ज्यादा कीमत की अफीम बर्बाद हो गई। किसानों का कहना है- बेमौसम बारिश की वजह से हमारी फसलें बर्बाद हो गईं हैं। ऐसे ही 2-3 दिन और पानी बरसा, तो फिर हम दाने-दाने को मोहताज हो जाएंगे। गेहूं और सरसों पककर तैयार थीं। लेकिन बारिश ने सब चौपट कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…

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