सहारनपुर के प्रसिद्ध मां शाकम्भरी देवी मेला में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब स्वामी यशवीर महाराज ने मेले का निरीक्षण करते हुए दुकानदारों की पहचान जांचने का अभियान शुरू कर दिया। स्वामी यशवीर महाराज, जो मुजफ्फरनगर से पहुंचे थे, ने पहले माता के दर्शन किए और फिर पूरे मेले का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कई दुकानों पर जाकर दुकानदारों से बातचीत की और उनके आधार कार्ड चेक किए। इतना ही नहीं, उन्होंने दुकानदारों को भगवान की मूर्तियां भी भेंट कीं। हालांकि, उनका यह कदम विवादों में आ गया, खासकर तब जब उन्होंने ‘थूक-मूत्र जिहादी गैंग’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए बयान दिया। स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि उन्होंने पहले ही चेतावनी दी थी कि इस धार्मिक मेले में ऐसे किसी भी व्यक्ति को दुकान नहीं लगाने दी जाएगी, जो आस्था और परंपराओं के खिलाफ हो। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे खरीदारी से पहले दुकानदार की पहचान जरूर जांचें और संदेह होने पर पुलिस को सूचना दें। इस बयान के बाद स्थानीय स्तर पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे धार्मिक आस्था की रक्षा का प्रयास बता रहे हैं, तो वहीं कई लोग इसे समाज में विभाजन पैदा करने वाला कदम मान रहे हैं। विपक्षी नेताओं और सामाजिक संगठनों ने भी इस बयान पर आपत्ति जताई है और प्रशासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि मेले में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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