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किशोर हाई-टेंशन लाइन की चपेट में आया:पीलीभीत में डॉक्टरों ने 6 घंटे के जटिल ऑपरेशन से जान बचाई, सिर की कई हड्डियां-नसे हुई थी डैमेज

पीलीभीत के एक निजी अस्पताल में डॉक्टरों ने 14 वर्षीय किशोर शनि को नया जीवन दिया है। बरेली जिले के नवाबगंज तहसील के भदपुरा गांव निवासी शनि, हाई-टेंशन लाइन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। डॉक्टरों ने एक जटिल ऑपरेशन के जरिए उसकी जान बचाई। यह घटना 2 मार्च को हुई थी। शनि सड़क किनारे खड़ी एक कंबाइन मशीन पर चढ़ा था, तभी वह ऊपर से गुजर रही 11,000 वोल्ट की हाई-टेंशन लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगने से वह दूर जा गिरा, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। घायल शनि को उसके परिजन तुरंत पीलीभीत और बरेली के कई अस्पतालों में ले गए। हालांकि, उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे ‘हायर सेंटर’ रेफर कर दिया। अंततः परिजन उसे पीलीभीत के एक निजी अस्पताल में लाए। अस्पताल के डॉक्टर चरित बोरा ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल जांच शुरू की। सीटी स्कैन में पता चला कि शनि के दिमाग में गहरी चोट थी, सिर की हड्डियां टूट गई थीं और दिमाग की नसें क्षतिग्रस्त हो चुकी थीं। डॉ. बोरा और उनकी मेडिकल टीम ने लगभग 6 घंटे तक जटिल ऑपरेशन किया। डॉक्टरों ने सिर में जमा खून के थक्के हटाए और क्षतिग्रस्त नसों की मरम्मत की। सफल इलाज के बाद शनि की हालत में तेजी से सुधार हुआ और उसे 11 मार्च को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। रविवार देर शाम शनि अपने सिर के टांके कटवाने के लिए दोबारा अस्पताल पहुंचा। उसे पूरी तरह स्वस्थ देखकर परिजनों ने डॉक्टरों का आभार व्यक्त किया। डॉक्टर चरित बोरा ने बताया कि “मरीज जब हमारे पास आया था, तो बचने की उम्मीद बहुत कम थी। हमने परिजनों को सभी खतरों से अवगत करा दिया था। यह मेडिकल टीम की मेहनत और ईश्वर का आशीर्वाद है कि बच्चा आज स्वस्थ है।”

Source: Dainik Bhaskar via DNI News (Prayagraj)

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