बदायूं में हुए एचपीसीएल कांड के आरोपी के एनकाउंटर मामले की जांच अब उझानी एसएचओ करेंगे। पहले यह मुकदमा मूसाझाग थाने में दर्ज किया गया था, लेकिन अब इसकी विवेचना उझानी कोतवाली को स्थानांतरित कर दी गई है। हालांकि, आरोपी के खिलाफ दर्ज डबल मर्डर केस की तफ्तीश मूसाझाग थाना पुलिस ही कर रही है। इस मामले की निगरानी शासन स्तर से की जा रही है, और विवेचक की सहायता के लिए कुछ अन्य इंस्पेक्टरों की टीम भी लगाई गई है। एनकाउंटर से संबंधित एफआईआर 13 मार्च की सुबह मूसाझाग थाने में एसएचओ वीरेंद्र तोमर की ओर से दर्ज की गई थी। इसमें बताया गया था कि दोहरे हत्याकांड में प्रयुक्त तमंचा बरामद करने के लिए आरोपी अजय प्रताप सिंह पुत्र राजेश कुमार सिंह को 12 मार्च की आधी रात को उसके बताए स्थान पर ले जाया गया था। इसके लिए दो टीमें बनाई गई थीं, जिनमें से एक का नेतृत्व मूसाझाग एसएचओ और दूसरी का इंस्पेक्टर क्राइम उरेंद्र पाल सिंह कर रहे थे। मुड़सेना मोड़ के पास सूखी नहर के पास तमंचा उठाते समय आरोपी भाग निकला और पुलिस टीम पर फायर कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसके दोनों पैरों में गोली मारी। आरोपी के खिलाफ पुलिस मुठभेड़ और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। अब इस मामले की तफ्तीश औपचारिक रूप से उझानी पुलिस को सौंप दी गई है। इस बीच, रविवार को पुलिस ने मुकदमे के वादी जीशान का बयान दर्ज किया। घटना के वक्त प्लांट में मौजूद अन्य कर्मचारियों के बयान भी लिए गए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। मूसाझाग एसएचओ के साथ तीन अन्य इंस्पेक्टर भी इस प्रक्रिया को पूरा कराने पहुंचे थे, जिन्हें एसएसपी ने विवेचक की मदद के लिए तैनात किया है।

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